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श्रावस्ती में पुल के बाईपास पर घुटनों तक पानी:400 मीटर रास्ता डूबा, जान जोखिम में डालकर निकल रहे ग्रामीण-बच्चे

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श्रावस्ती के इकौना तहसील क्षेत्र में सेमगढ़ा चौराहे से गोविंदपुर मार्ग पर बरियार में निर्माणाधीन पुल का बाईपास बारिश के पानी में डूब गया है। रविवार सुबह तक करीब 400 मीटर हिस्से में घुटनों तक पानी भर गया। इसके बावजूद आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, स्कूली बच्चे और बाइक-साइकिल सवार रोज इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। पानी में सड़क की गहराई दिखाई नहीं देने से हादसे का खतरा बना हुआ है। लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण बाईपास पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पानी भरने से बाहर से आने वाले लोगों को सड़क की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में बाइक या साइकिल का संतुलन बिगड़ने पर गिरकर चोट लगने का खतरा रहता है। इसके बावजूद ग्रामीण रोजमर्रा के काम, पढ़ाई और जरूरी आवागमन के लिए पानी के बीच से होकर गुजर रहे हैं। 3 किमी अतिरिक्त रास्ते से बचने के लिए मजबूरी यह बाईपास आसपास के दर्जनों गांवों और कस्बों को जोड़ता है। बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से इकौना और अन्य इलाकों में आते-जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बाईपास से न गुजरने पर उन्हें करीब 3 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इसी वजह से पानी भरे रास्ते से निकलना उनकी मजबूरी बन गया है। स्थानीय निवासी हंसराज तिवारी ने बताया कि बाईपास पर रोज घुटनों तक पानी रहता है। आसपास के कई गांवों के लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि पानी में सड़क की गहराई का पता नहीं चलता, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि पुल निर्माण के लिए बाईपास बनाया गया था। बरसात को ध्यान में रखते हुए इसे पुल से पर्याप्त ऊंचाई पर बनाया जाता तो जलभराव की समस्या नहीं होती। ग्रामीणों ने सुरक्षित रास्ते की मांग की ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल निर्माण पूरा होने तक बाईपास पर सुरक्षित आवागमन की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर बारिश के कारण पानी का स्तर और बढ़ा तो बाईपास पर आवाजाही पूरी तरह बंद हो सकती है। इससे दर्जनों गांवों के लोगों को आने-जाने में और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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