बस्ती की गोविंद नगर शुगर मिल, वाल्टरगंज को दोबारा शुरू कराने की मांग अब मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह ने शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर किसानों और मजदूरों के हित में मिल को फिर से चलाने का अनुरोध किया। उन्होंने दावा किया कि मिल पर किसी बैंक का कर्ज नहीं है और इसकी मशीनें भी बेहतर स्थिति में हैं। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से सुनते हुए जल्द टीम गठित कर मिल की जांच कराने का भरोसा दिया। मिल दोबारा शुरू होने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसानों और मजदूरों ने इसे उम्मीद बढ़ाने वाला कदम बताया है। किसानों और मजदूरों के मुद्दे को CM के सामने रखा रालोद प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह ने मुख्यमंत्री के सामने गोविंद नगर शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने का मुद्दा रखा। उन्होंने कहा कि मिल बंद होने से क्षेत्र के गन्ना किसानों और मजदूरों पर लंबे समय से असर पड़ रहा है। मिल के संचालन से जुड़े मुद्दे को किसानों के हित और क्षेत्र के आर्थिक विकास से जोड़ते हुए उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। ‘मिल पर किसी बैंक का कर्ज नहीं’ ऐश्वर्य राज सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके अनुसार मिल पर किसी भी बैंक का कर्ज नहीं है। उन्होंने मिल में मौजूद शीरा, कबाड़ और पुरानी चीनी का इस्तेमाल कर मजदूरों और किसानों के बकाया भुगतान की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया। उनका कहना था कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर मिल को दोबारा संचालन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। मशीनें ठीक, कम लागत में शुरू करने का दावा रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मिल पहले की तरह तैयार खड़ी है और उसकी मशीनें अभी भी ठीक हालत में हैं। उनके अनुसार, मिल को दोबारा चलाने के लिए बड़े खर्च की जरूरत नहीं होगी और कम लागत में इसे शुरू किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से मिल की मौजूदा स्थिति की तकनीकी जांच कराने की भी मांग रखी। ‘प्रबंधन नहीं चला पा रहा तो सरकार संभाले’ ऐश्वर्य राज सिंह ने सुझाव दिया कि यदि मौजूदा मिल प्रबंधन इसका संचालन नहीं कर पा रहा है तो सरकार इसे अपने कब्जे में लेकर चलाए। उनका कहना था कि इससे किसानों को गन्ना बेचने के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा और मजदूरों के लिए रोजगार की संभावनाएं भी बनेंगी। उन्होंने इसे जिले के आर्थिक विकास से जुड़ा मुद्दा बताया। CM ने टीम बनाकर जांच का दिया भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐश्वर्य राज सिंह की बातों को सुना। रालोद प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जल्द एक टीम गठित कर मिल की स्थिति की जांच कराने का भरोसा दिया। जांच के बाद मिल को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। वाल्टरगंज मिल से जुड़े श्रमिकों का लंबे समय से बकाया भुगतान और मिल संचालन का मुद्दा उठता रहा है। ‘मिल शुरू होने तक जारी रहेगी कोशिश’ ऐश्वर्य राज सिंह ने कहा कि वाल्टरगंज मिल बस्ती के विकास से जुड़ी है और जब तक मिल शुरू नहीं होती, उनकी कोशिश जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में बस्ती शुगर मिल को मिल प्रबंधन और प्रशासन ने कम कीमत पर बेचकर जिले के विकास को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि वाल्टरगंज के मामले में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। वहीं आंदोलन कर रहे मजदूरों और किसानों ने कहा कि जब तक मिल चलाने का सरकारी ऐलान नहीं होता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
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