विक्रमजोत की आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर चिकित्साधिक्षक डॉ. अतुल सिंह को ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर 23 अक्टूबर को राजधानी में महापड़ाव होगा। यूनियन ने सरकार को नोटिस भी भेजा है। यूनियन के अनुसार, 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री और संगठन के बीच 13 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। कमेटी बनने के बाद भी समझौते को लागू करने की अंतिम बैठक नहीं हुई, जिससे कार्यकर्ता नाराज हैं। उनकी मांगों में आशा कार्यकर्ताओं का राज्यांश 1500 से 7500 रुपये करना, आशा संगिनी को लाभ देना, आधार भुगतान में बढ़ोतरी, मातृत्व अवकाश, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य बीमा शामिल है। आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी समेत कई अभियानों और कोविड-19 की प्रोत्साहन राशि लंबित है। यह ज्ञापन ब्लॉक अध्यक्ष चित्रकला सिंह के नेतृत्व में दिया गया। इस दौरान शशिकला मौर्या, कुमकुम मिश्रा समेत कई आशा कार्यकर्ता मौजूद थीं।
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