तेहरान। यमन में सक्रिय हूती विद्रोही अपनी सैन्य और मिसाइल क्षमताओं को लगातार उन्नत करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, हूती संगठन चीन से मंगाए गए स्पेयर पार्ट्स की मदद से ऐसी घातक बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित करने की फिराक में है, जो सऊदी अरब और इजराइल के दूरदराज इलाकों तक सीधी मार करने में सक्षम होंगी। इन मिसाइलों की मारक क्षमता लगभग 1,200 मील (करीब 1,930 किलोमीटर) तक आंकी जा रही है। इस बीच, यमन के रणनीतिक ताइज क्षेत्र में सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच जारी खूनी जंग में 200 से अधिक हूती लड़ाकों के मारे जाने या घायल होने का दावा किया गया है।
चीन से आए पुर्जों से मिसाइल निर्माण की कोशिश
अंतरराष्ट्रीय हथियारों की जांच करने वाली संस्थाओं द्वारा यमन प्रशासन द्वारा जब्त की गई संदिग्ध खेपों के निरीक्षण के बाद यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, बीते वर्ष चीन से भेजी गई दो अलग-अलग खेपों को पकड़ा गया था, जिनमें से खास धातु के हिस्से, मिसाइल विंग्स, रॉकेट मोटर के कलपुर्जे, परीक्षण उपकरण और उच्च तापमान सहने वाली विशेष धातुएं बरामद की गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पुर्जों का इस्तेमाल ईरान की प्रसिद्ध 'खैबर शेकेन' मिसाइल की तर्ज पर नए हथियार तैयार करने के लिए किया जा सकता है।
स्वायत्त हथियार उत्पादन और नया तस्करी नेटवर्क
हूती विद्रोही अब तक मुख्य रूप से ईरान और लेबनान के संगठन हिज्बुल्लाह पर अपनी मिसाइल तकनीक और हथियारों के लिए निर्भर थे, लेकिन अब वे अपने घरेलू विनिर्माण ढांचे को मजबूत कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हूती समूह ने अपने स्थानीय नेटवर्क, तस्करी के नए रास्तों और अंतरराष्ट्रीय बिचौलियों के माध्यम से कलपुर्जे जुटाने की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि की है। संयुक्त राष्ट्र की यमन प्रतिबंध समिति के पूर्व विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें मिलने के बाद हूती न केवल सऊदी अरब के आंतरिक हिस्सों को निशाना बना सकेंगे, बल्कि ये मिसाइलें ड्रोन और क्रूज मिसाइलों की तुलना में भारी मात्रा में विस्फोटक ले जाने में भी सक्षम होंगी।
ताइज में भीषण झड़प, हूती ठिकानों पर हवाई हमले
ताइज मोर्चे पर यमनी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष चरम पर पहुंच गया है। सेना के आधिकारिक बयानों के अनुसार, अल-मिसराख जिले के रास अल-नज्द इलाके में हूती विद्रोहियों के टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के काफिले पर भीषण हवाई हमले किए गए। इसके अतिरिक्त ताइज शहर के पूर्व में स्थित सोफिटेल हिल तथा धुबाब मोर्चे पर भी सटीक निशाना साधते हुए हूती ठिकानों को तबाह किया गया। यमनी सेना ने दावा किया है कि इस जवाबी कार्रवाई में एक सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया, दो टैंकों को भारी क्षति पहुंची, एक ड्रोन को मार गिराया गया और हथियारों से लदे काफिले को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
“खबर वही, जो सबसे पहले आप तक पहुँचे!
भारत की अपनी खबर, आपके अपने अंदाज़ में
📲 ब्रेकिंग • लोकल • ट्रेंडिंग खबरों के लिए अभी जुड़ें:
👉 https://t.co/g7ivX40QAK“आपकी खबर, आपका MNT”
https://t.co/vwEVHjJMzQ https://t.co/z3JMz4j0Td
— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026




















