लंदन। ब्रिटेन के सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बेहद जटिल और तेज हमलों को अंजाम दे सकते हैं। इसका सीधा असर बैंकिंग व्यवस्था, व्यक्तिगत वित्तीय डेटा और कंपनियों की डिजिटल सुरक्षा पर पड़ सकता है। एआई के तेजी से प्रसार के साथ ही साइबर अपराध एक नई और बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है।
एआई सुरक्षा और 'गार्डरेल्स' पर चिंता
ब्रिटेन के एआई सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट से जुड़े अधिकारियों ने एआई मॉडलों के सुरक्षा उपायों को लेकर गहरी चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी देशों में विकसित कई एआई प्रणालियों में कड़े सुरक्षा नियंत्रण और 'गार्डरेल्स' लगाए जाते हैं ताकि उनका दुरुपयोग साइबर अपराध या अन्य खतरनाक गतिविधियों के लिए न किया जा सके। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी दावा है कि ऐसे एआई मॉडल सामने आ रहे हैं जिनके सुरक्षा प्रतिबंधों को बायपास करना या हटाना आसान हो सकता है।
अपराधियों की तकनीकी क्षमता में इजाफा
विशेषज्ञों की मुख्य चिंता इस बात को लेकर है कि एआई के कारण कम तकनीकी जानकारी रखने वाले अपराधी भी बड़े और जटिल साइबर हमलों को अंजाम दे सकते हैं।
-
कोड और कमजोरियों की पहचान: जहां पहले जटिल हमले तैयार करने में लंबा समय और विशेषज्ञता लगती थी, वहीं अब एआई कोड लिखने और डिजिटल प्रणालियों में कमजोरियों की पहचान करने में अपराधियों की मदद कर सकता है।
-
बैंकिंग सेक्टर पर खतरा: वित्तीय संस्थानों और बैंकिंग प्रणालियों के लिए यह चुनौती इसलिए गंभीर है क्योंकि ऐसे हमलों की स्थिति में प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिलता है। हालांकि, बैंकों में पहले से ही मजबूत साइबर सुरक्षा, बहुस्तरीय प्रमाणीकरण और संदिग्ध लेनदेन की निगरानी जैसे उपाय मौजूद हैं, लेकिन एआई के दौर में सुरक्षा को लगातार अपग्रेड करने की जरूरत है।
अंतरराष्ट्रीय चिंताएं और नियमन की मांग
केवल साइबर अपराध ही नहीं, बल्कि एआई के दुरुपयोग से जैविक हथियारों और अन्य खतरनाक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के जोखिमों पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई है। इन तमाम पहलुओं ने एआई विकास के दौरान कड़े सुरक्षा परीक्षण, जिम्मेदार उपयोग और प्रभावी वैश्विक नियमन की आवश्यकता को और अधिक बढ़ा दिया है।
आम नागरिकों के लिए बचाव के उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा के इस दौर में आम लोगों को भी बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। इससे बचने के लिए कुछ अहम कदम उठाए जा सकते हैं:
-
हमेशा मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
-
अपने खातों पर बहुस्तरीय सुरक्षा (Two-Factor Authentication) सक्रिय रखें।
-
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
-
अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा न करें।












































