बरेली: पुलिस की 112 सेवा से जुड़ी एक पीआरवी के डीजल को लेकर बरेली में विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी वाहन के ईंधन के कथित तौर पर गलत इस्तेमाल और उसे बेचने से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। वहीं, एक होमगार्ड के खिलाफ भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ये है मामला
मामला दुनका चौकी इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है। सामने आई शिकायत के मुताबिक, 112 सेवा में इस्तेमाल होने वाली पीआरवी के लिए मिलने वाले डीजल का कथित रूप से निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोप है कि वाहन में डलने वाले ईंधन को पेट्रोल पंप के जरिए बाहर बेचने का काम किया जाता था। इसके बदले मिलने वाली रकम संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचने की बात भी शिकायत में कही गई है।
मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा जब इससे जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे। वायरल फुटेज में हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार, कांस्टेबल मोंटी कुमार और होमगार्ड मुकेश शर्मा के पेट्रोल पंप पर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। फुटेज में कथित तौर पर डीजल से जुड़े लेनदेन की गतिविधियां नजर आने की बात कही गई है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
शाही थाना प्रभारी की रिपोर्ट के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले में कार्रवाई की। हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार और कांस्टेबल मोंटी कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
भेजा गया पत्र
दूसरी ओर, होमगार्ड मुकेश शर्मा के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला कमांडेंट को पत्र भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना ने सरकारी वाहनों के ईंधन की निगरानी और पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
















































