Home उत्तर प्रदेश न्यूज़ श्मशान घाट की जमीन पर विवाह भवन का विरोध:महराजगंज में कई पीढ़ियों...

श्मशान घाट की जमीन पर विवाह भवन का विरोध:महराजगंज में कई पीढ़ियों से हो रहा अंतिम संस्कार, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

महराजगंज के सदर तहसील क्षेत्र की ग्रामसभा भिसवा में श्मशान घाट की जमीन पर विवाह भवन बनाने का प्रस्ताव है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पूर्व ग्राम प्रधान नूर आलम की अगुवाई में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को एक पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने निर्माण कार्य तुरंत रुकवाने और जमीन को श्मशान घाट के तौर पर सुरक्षित रखने की मांग की है। डीएम को दिए पत्र में पूर्व ग्राम प्रधान नूर आलम और ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामसभा भिसवा में पीडब्ल्यूडी गोदाम के पास की जमीन पर कई पीढ़ियों से लोग शवों का अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले के ग्राम प्रधानों ने इस जमीन पर श्मशान घाट के नाम से पेड़ लगवाए थे। वे पेड़ आज भी वहां मौजूद हैं। साल 2015 में यहां श्मशान घाट का साइन बोर्ड भी लगाया गया था। इसके अलावा, मनरेगा के तहत श्मशान घाट से जुड़ा एक बोर्ड भी मौके पर लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौजूदा ग्राम प्रधान या प्रशासक ने श्मशान घाट पर बनी अंतिम संस्कार की वेदियों को जेसीबी मशीन से बराबर करा दिया है। इससे गांव के लोगों में गुस्सा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि यह जमीन श्मशान घाट के नाम पर ही दर्ज रहे और वहां कोई दूसरा निर्माण न होने दिया जाए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से अपील की है कि लोगों के हित को देखते हुए श्मशान घाट की जमीन पर प्रस्तावित विवाह भवन का निर्माण तुरंत रुकवाया जाए और मामले की जांच कराई जाए। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि मामले की जांच करवाई जाएगी और नियमों के हिसाब से कार्रवाई होगी। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान नूर आलम, पदमामकर, रामरतन, राममिलन, अरविंद कुमार, अजय कुमार, अवधेश, इंद्रावती और कई अन्य लोग मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here