डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में आज इंडी गठबंधन की मेगा रैली के लिए मंच सज चुका है। चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपनी ताकत दिखाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने के लिए, अलग-अलग राज्यों से विपक्षी नेता और समर्थक राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने लगे हैं।
मुख्य मंच के ऊपर तिरंगे रंग की एक बड़ी छत लगाई गई है। ‘इंडी’ गठबंधन की पार्टियों के प्रतिनिधियों के लिए अलग से इंतजाम किए गए हैं और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी हैं। विपक्ष मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक एक मार्च निकालने की तैयारी कर रहा है, जिसके बाद एक रैली होगी।
इस रैली में विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र समूहों और नागरिक समाज संगठनों (सिविल सोसाइटी संगठनों) के शामिल होने की उम्मीद है। यह लामबंदी केवल गठबंधन के राजनीतिक दलों तक ही सीमित नहीं है।
‘इंडी’ गठबंधन ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और नागरिक समाज के सदस्यों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। इसके अलावा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) और कई छात्र संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है।
अभिजीत दिपके द्वारा स्थापित और युवाओं के नेतृत्व वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने भी 1 नवंबर के इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि वे उन संगठनों के साथ खड़े रहेंगे जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए लड़ रहे हैं।
‘चलो दिल्ली’ नाम का यह मार्च दोपहर में मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पर खत्म होगा, जहां सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रैली आयोजित की जाएगी।
‘इंडी’ गठबंधन के नेताओं का अनुमान है कि इसमें 10 लाख तक लोग जुट सकते हैं, जबकि दिल्ली पुलिस को लगभग 50,000 लोगों के आने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, खाली होने पर रामलीला मैदान में 45,000 से 50,000 लोग आ सकते हैं, लेकिन कुर्सियां, घेरे और आने-जाने के रास्ते बनाने के बाद इसकी क्षमता घटकर लगभग 30,000 से 40,000 रह जाएगी।
