
बलरामपुर के रेहरा बाजार क्षेत्र में मिलाद का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, उल्लास और भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हुआ। इसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिससे आयोजन स्थल पर देर तक आध्यात्मिक माहौल बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ तिलावते कलाम पाक से हुआ। इसके उपरांत नात-ए-पाक प्रस्तुत की गई, जिसे सुनकर उपस्थित लोगों ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की। विभिन्न वक्ताओं ने पैगंबर हजरत मुहम्मद की सीरत और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने पैगंबर द्वारा बताए गए आदर्शों को वर्तमान समाज के लिए भी प्रासंगिक बताया। मौलाना रेहान ने अपने संबोधन में कहा कि पैगंबर हजरत मुहम्मद का जीवन इंसानियत, प्रेम, दया और भाईचारे का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनकी शिक्षाएं समाज में शांति, सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने जोर दिया कि मिलाद मनाने का उद्देश्य केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पैगंबर की सीरत को समझकर उसे अपने आचरण और जीवन में अपनाना भी आवश्यक है। मौलाना रेहान ने उपस्थित लोगों से जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील रहने, गरीबों और बेसहारा लोगों की सहायता करने तथा समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंसानियत की सेवा और नेक आचरण ही पैगंबर की शिक्षाओं का वास्तविक सार है। इस आयोजन के दौरान, उपस्थित लोगों ने शांति, आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ग्रामीण रेहान, बेचन, जाकिर, शाहिद सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।


























