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सिसवा में तहसील की मांग पर फिर आंदोलन की तैयारी:तहसील बनाने की मांग पर जनांदोलन का ऐलान, ऑनलाइन भुगतान के शुल्क का विरोध

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सिसवा को पुनः तहसील का दर्जा दिलाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, नगर इकाई सिसवा की गुरूवार शाम गोकुल रेस्टोरेंट में हुई समीक्षा बैठक में व्यापारियों ने तहसील की मांग को लेकर निर्णायक जनांदोलन शुरू करने का निर्णय लिया। पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल तहसील मुख्यालय का सवाल नहीं, बल्कि सिसवा के व्यापार, प्रशासनिक सुविधाओं और समग्र विकास से जुड़ा मुद्दा है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सिसवा बाजार लंबे समय से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र रहा है। यहां बड़ी संख्या में व्यापारी और उपभोक्ता रोजाना पहुंचते हैं। ऐसे में तहसील का दर्जा मिलने से प्रशासनिक कामकाज के लिए लोगों को दूर जाने की परेशानी कम होगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों ने ऑनलाइन भुगतान पर लगाए जा रहे 0.4 फीसदी शुल्क को लेकर भी विरोध जताया। उनका कहना था कि डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में प्रत्येक ऑनलाइन लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के हितों को प्रभावित करता है। व्यापार मंडल ने ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था में व्यापारिक हितों का ध्यान रखते हुए शुल्क संबंधी व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग उठाई। पदाधिकारियों ने कहा कि सिसवा के विकास के लिए व्यापारिक गतिविधियों को मजबूत करना, बाजार की सुविधाओं में विस्तार, बेहतर सड़क, जलनिकासी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। तहसील का दर्जा मिलने से क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियों के साथ विकास कार्यों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बैठक में निर्णय लिया गया कि तहसील की मांग को लेकर जल्द ही चरणबद्ध तरीके से जनसंपर्क और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आगामी विधानसभा चुनाव में NOTA के विकल्प को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में शिब्बू खान, शिवजी सोनी, संदीप मल्ल, मकसूद अंसारी, मनीष रौनियार, धीरज जायसवाल, दीपक जायसवाल, हरिलाल सोनी, नवीन मधेशिया, अविनाश मधेशिया, बनारसी गुप्ता, अंबुज शर्मा, संतराज विश्वकर्मा, इरफान अंसारी, रजाउल अंसारी, मनीष सोनी सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।

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