
महराजगंज के पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र में दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी के मामले में फरार चल रहे आरोपी के घर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर नोटिस चस्पा किया। पुलिस टीम ने आरोपी के सिंघपुर थरौली स्थित मकान के दरवाजे पर कोर्ट के आदेश की प्रति और नोटिस लगाया। इस दौरान ग्रामीणों के सामने ढोल बजाकर आरोपी को न्यायालय में पेश होने की सार्वजनिक सूचना भी दी गई। महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा पुलिस के अनुसार, पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़िला की एक महिला ने सिंघपुर थरौली निवासी विशाल यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोपी पर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 104/2026 दर्ज किया। BNS की धाराओं में दर्ज है केस पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ धारा 64(1) और 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि विशाल यादव लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बच रहा था। गिरफ्तारी नहीं हुई तो कोर्ट से हुई उद्घोषणा की कार्रवाई आरोपी के लगातार फरार रहने के बाद पुलिस ने न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त किए। महराजगंज के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई की गई। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी के घर पर न्यायालय का आदेश लेकर पहुंची। 28 अगस्त को घर पहुंची पुलिस टीम पुलिस टीम 28 अगस्त को आरोपी विशाल यादव के घर सिंघपुर थरौली पहुंची। टीम ने न्यायालय के आदेश की प्रति और नोटिस मकान के दरवाजे पर चस्पा किया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों को भी न्यायालय के आदेश और की जा रही कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई। ढोल बजाकर सार्वजनिक रूप से दी गई सूचना न्यायालय की उद्घोषणा की कार्रवाई के तहत पुलिस ने ढोल बजाकर सार्वजनिक रूप से आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश होने की सूचना दी। पुलिस ने ग्रामीणों के सामने स्पष्ट किया कि आरोपी को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट में उपस्थित होना होगा। फरार रहने पर आगे होगी कानूनी कार्रवाई इस कार्रवाई में आईजीआरएस सेल प्रभारी मनोज कुमार राय, पुरन्दरपुर थाने के उपनिरीक्षक देवेश कुमार सिंह समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि यदि आरोपी फरार रहता है तो न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
































