एकमा(नौतनवाॅ), महराजगंज11 मिनट पहले
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लक्ष्मीपुर क्षेत्र के समरधीरा गांव में स्थित कोटही माता मंदिर में बुधवार को सैकड़ों माताओं ने हलषष्ठी (हरछठ) व्रत रखा। उन्होंने अपनी संतान की लंबी उम्र, सुख और शांति के लिए यह पूजा की।
माताओं ने भगवान गणेश, मां गौरी, बलराम जी और छठ माता की विधि-विधान से पूजा की। पूजा से पहले महिलाओं ने स्नान किया और मंदिर पहुंचकर जमीन साफ कर सांकेतिक तालाब बनाया। इसमें झरबेरी, पलाश और कांसी के पेड़ की डालियां लगाई गईं। इसके बाद उन्होंने हल षष्ठी की व्रत कथा सुनी।
व्रत खोलने के लिए व्रती महिलाओं ने तालाब में पैदा हुए तिन्नी के चावल, केर्मुआ का साग और पसही के चावल का सेवन किया। इस दिन हल से जोते गए खेत में पैदा हुए अनाज का सेवन नहीं किया जाता है।
मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भगवान हलधर संतानों को लंबी आयु देते हैं। यह पर्व भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम जी के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।































