
सितंबर की शुरुआत के साथ मौसम में बदलाव और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सिसवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की ओपीडी और इमरजेंसी में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। बुधवार को अस्पताल में उल्टी-दस्त, डायरिया, बुखार और पेट संबंधी समस्याओं से परेशान मरीज इलाज के लिए पहुंचे। बारिश के कारण खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास सांप निकलने से सर्पदंश के मामले भी सामने आ रहे हैं। उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीज लगातार पहुंच रहे ओपीडी में डॉ. राधेश्याम अग्रहरि ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उल्टी-दस्त और डायरिया के मरीज लगातार आ रहे हैं। मौसम में बदलाव के साथ दूषित पानी और खानपान में लापरवाही पेट संबंधी बीमारियों की बड़ी वजह बन रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में पेट संक्रमण और बुखार की शिकायत भी सामने आ रही है। बारिश और उमस में वायरल फीवर का खतरा सितंबर में बारिश के साथ उमस बढ़ने से वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और बुखार के मामले बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इस मौसम में शरीर पर मौसम के बदलाव का असर पड़ता है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। दूषित पानी और खुले भोजन से रहें सावधान डॉक्टरों ने लोगों को सुरक्षित और साफ पानी पीने की सलाह दी है। खुले में रखे खाद्य पदार्थ और कटे-खुले फल या अन्य खाद्य सामग्री का सेवन करने से बचने को कहा गया है। मौसम में बदलाव के दौरान साफ-सफाई और खानपान को लेकर लापरवाही पेट संबंधी संक्रमण का कारण बन सकती है। उल्टी-दस्त में ORS का घोल लेते रहें डॉक्टरों ने कहा कि उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में ओआरएस का घोल लेते रहना चाहिए, ताकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी को कम किया जा सके। तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त या अधिक कमजोरी महसूस होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेने की बात कही गई है। बारिश के बाद बढ़ा सर्पदंश का खतरा बारिश के बाद खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में सर्पदंश के मामले भी सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने और खेतों, झाड़ियों या अंधेरे स्थानों पर जाते समय विशेष सतर्कता रखने की सलाह दी है। मच्छरों से बचाव के लिए घर के आसपास सफाई जरूरी मच्छरजनित बीमारियों से बचने के लिए घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, खुले बर्तन और अन्य स्थानों पर पानी ठहरने से रोकने की सलाह दी गई है। रात में सोते समय मच्छरदानी या अन्य सुरक्षित उपाय अपनाने को कहा गया है। डॉक्टरों के अनुसार साफ पानी, ताजा भोजन, आसपास स्वच्छता और समय पर इलाज से इस मौसम में होने वाली बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।






























