
श्रावस्ती पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, छिपाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी चंद्र भवन यादव उर्फ दिलीप कुमार को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस विभाग ने बुधवार रात करीब 7 बजे इसकी जानकारी दी। 2021 में दर्ज हुआ था मुकदमा पुलिस के मुताबिक, मामला वर्ष 2021 का है और सिरसिया थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोपी चंद्र भवन यादव उर्फ दिलीप कुमार पुत्र तीरथ राम, निवासी धोबहा धर्मपुर, थाना इकौना पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसे छिपाने का आरोप था। मामले में आरोपी के खिलाफ आपराधिक साजिश, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के साथ नाबालिग पर यौन हमला, उसे परेशान करने, शादी के लिए मजबूर करने और दुष्कर्म के आरोप भी लगाए गए थे। सिरसिया थाने में केस संख्या 241/2021 के तहत आईपीसी की धारा 363, 366, 376, 368, 120-बी, 504 और 506 तथा पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार मामले की सुनवाई श्रावस्ती के एएसजे/स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में हुई। पुलिस के अनुसार, सरकारी अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष मामले से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए और प्रभावी पैरवी की। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद न्यायालय ने चंद्र भवन यादव उर्फ दिलीप कुमार को 10 साल के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। गंभीर मामलों की एसपी कर रहे निगरानी पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी गंभीर मामलों में अभियोजन की पैरवी की खुद निगरानी कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह, मॉनिटरिंग सेल, सरकारी अधिवक्ता, थाना प्रभारी और कोर्ट पैरोकार को प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गंभीर अपराधों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है।
































