
बस्ती के विक्रमजोत हर्रैया में सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। बैराज से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के जलकर्मी बलराम ने बताया कि बीते 24 घंटों में नदी का पानी 14 सेमी बढ़ा है। बुधवार को यह 92.730 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 91.730 मीटर से एक मीटर ऊपर है। अपस्ट्रीम में अलग-अलग जगहों पर भी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे अयोध्या में पानी और बढ़ने की संभावना है। सुबह तक नदी का पानी लाल निशान से ऊपर पहुंच सकता है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में फिर से पानी भरने लगा है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र में एलबी तटबंध के किनारे बसे करीब डेढ़ दर्जन गांवों पर बाढ़ का संकट गहरा गया है। इनमें भरथापुर, कल्यानपुर, सैन्य पड़ाव, चांदपुर, संदलपुर, छतौना मांझा, कन्हईपुर, खेमराजपुर, शम्भूपुर, संग्रामपुर, बेतावा, पूरे चेतन, पकड़ी संग्राम, सूर्यवंश, लकड़ी दूबे, पाण्डेय अर्जुनपुर और मांझा किता अव्वल शामिल हैं। नदी इन गांवों पर दबाव बना रही है और रुक-रुक कर कटान भी कर रही है। पकड़ी संग्राम और अर्जुनपुर के ग्रामीणों राम अजोर, रामअवतार, श्यामलाल, रतिपाल और रामभवन ने बताया कि बाढ़ और कटान उनके लिए आम बात हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके खेत और जमीन लगातार कटान की वजह से खत्म हो रहे हैं, लेकिन कोई स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। बाढ़ खंड के एसडीओ बृजेश सोनी ने बताया कि नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। संवेदनशील जगहों पर नदी का दबाव बना हुआ है। दुधौरा समेत सभी ब्लैक स्पॉट पर हमारी टीम लगातार काम कर रही है। जहां भी दिक्कतें दिख रही हैं, उनका तुरंत समाधान कर उन्हें मजबूत किया जा रहा है।
































