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आंध्र प्रदेश के तीन लाख गरीब परिवारों को मिलेगा पक्का मकान

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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के बुर्रिपालेम गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 2.0 के तहत तीन लाख घरों की पहली किस्त सौंपने की शुरुआत की। इन घरों के निर्माण पर 3,600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस मौके पर उन्होंने देश की पहली 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक आधारित आवास परियोजना की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना के तहत 14 करोड़ रुपये की लागत से 177 घर बनाए जाएंगे।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, आंध्र प्रदेश के लिए पहले 76 हजार घरों का आवंटन प्रस्तावित था। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के अनुरोध के बाद केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर तीन लाख घर कर दिया। चौहान ने कहा कि तीन लाख घरों का निर्माण पूरा होने के बाद केंद्र सरकार राज्य के लिए तीन लाख और घर मंजूर करेगी। तीन लाख और घर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के हर गरीब परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

चौहान ने बुर्रिपालेम और ओबुलनायडुपालेम में 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग आधारित आवास परियोजना को ग्रामीण आवास के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि 14 करोड़ रुपये की इस पायलट परियोजना में आधुनिक मशीनों और 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा। इससे निर्माण समय, लागत और श्रम की जरूरत कम होगी। 177 घरों का निर्माण छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अमरावती के विकास के लिए भी सहयोग कर रही है। केंद्र ने आंध्र प्रदेश की एकमात्र स्थायी राजधानी के रूप में अमरावती को मान्यता देने के लिए संसद में कानून पारित किया और इसके विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता दी है। उन्होंने पोलावरम सिंचाई परियोजना को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे केंद्र से 100 प्रतिशत अनुदान सहायता मिल रही है।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र से किसानों को सालाना छह हजार रुपये और आंध्र प्रदेश सरकार की ‘अन्नदाता सुखीभव’ योजना के तहत 14 हजार रुपये की सहायता मिलाकर किसानों को हर वर्ष 20 हजार रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश फलों, फूलों, सब्जियों और औषधीय फसलों के क्षेत्र में देश का प्रमुख बागवानी केंद्र बन सकता है।

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 23 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। एनडीए सरकार का लक्ष्य इनकी संख्या बढ़ाकर 60 लाख करना है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय सरस मेला 15 अक्टूबर को पहली बार दिल्ली से बाहर आंध्र प्रदेश में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इसका उद्घाटन करेंगी।

चौहान ने तेलुगु में लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि यदि वह मध्य प्रदेश के ‘मामा’ हैं तो आंध्र प्रदेश के भी ‘मामा’ हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा उनके लिए पूजा के समान है।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आवास सहायता के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में गरीबों के लिए कुल नौ लाख घरों की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र के सहयोग से आंध्र प्रदेश बुनियादी ढांचे, कृषि, उन्नत प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

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