पीटीआई, नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को बताया कि उसने मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों और उनके पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी किए हैं।
यह कदम उन खबरों के बाद उठाया गया है, जिनमें दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से लगे कई जिलों में माता-पिता अपनी नाबालिग बेटियों को बिचौलियों को तीन से पांच लाख रुपये में बेच रहे हैं।
बिचौलिए फर्जी दस्तावेजों की मदद से इन लड़कियों की तस्करी करते हैं, जिनमें उन्हें अपनी गोद ली हुई बेटियां बताया जाता है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें इसकी जानकारी दी गई है।”
आयोग के अनुसार, बालिग होने पर इन लड़कियों की पहचान छिपाने के लिए उनके निजी विवरण बदल दिए जाते हैं और फिर उन्हें महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में 35 से 40 लाख रुपये में बेच दिया जाता है, जहां कथित तौर पर उनसे यौन व्यापार कराया जाता है।
आयोग ने कहा कि अगर इस समाचार रिपोर्ट में दी गई बातें सच हैं, तो यह पीड़ित नाबालिग लड़कियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला है।
इसलिए, आयोग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
