न्यूयॉर्क। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ उनकी अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से बगावत के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। देश में ट्रम्प की घटती लोकप्रियता और आगामी मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर पार्टी के भीतर यह डर सता रहा है कि ट्रम्प का साथ या उनके साथ नजदीकी चुनाव में भारी नुकसान पहुंचा सकती है। स्थिति यह बन चुकी है कि नवंबर में होने वाले चुनावों से ठीक पहले कई रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति ट्रम्प से सार्वजनिक रूप से दूरी बनानी शुरू कर दी है। कई नेताओं ने अपनी चुनावी वेबसाइटों और प्रचार सामग्रियों से ट्रम्प तथा उनके 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे के जिक्र तक को हटा दिया है, जबकि कई अन्य नेता उनके साथ मंच साझा करने से साफ बचते नजर आ रहे हैं।
कमजोर होती अप्रूवल रेटिंग और जनता का आक्रोश
हालिया जनसर्वेक्षणों के आंकड़े ट्रम्प प्रशासन के लिए चिंताजनक स्थिति बयां कर रहे हैं। विभिन्न सर्वे रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवल 30 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक ही राष्ट्रपति ट्रम्प के समग्र कामकाज से संतुष्ट नजर आते हैं। देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर उनकी अप्रूवल रेटिंग गिरकर महज 26 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि आम जनता को महंगाई से राहत दिलाने के मामले में यह आंकड़ा गिरकर केवल 17 प्रतिशत तक सिमट गया है। देश की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी आसमान छूती महंगाई और बढ़ती कीमतों के लिए सीधे तौर पर ट्रम्प की नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रही है। इसके अलावा, लगभग 64 प्रतिशत लोगों का मानना है कि आयात शुल्क यानी टैरिफ के मामले में ट्रम्प सरकार जरूरत से ज्यादा आगे निकल गई है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
पार्टी नेताओं द्वारा नीतियों का विरोध और दूरी
रिपब्लिकन पार्टी के कई दिग्गज और उम्मीदवार खुलकर ट्रम्प की नीतियों के खिलाफ खड़े होने लगे हैं। आयोवा से सांसद और सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिंसन तथा मिशिगन के सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को जल्द से जल्द खत्म करने की मांग उठाई है। वहीं, आयोवा के ही सांसद जैक नन और मैरियानेट मिलर-मीक्स ने राष्ट्रपति की युद्ध शक्तियों को कानूनी रूप से सीमित करने के लिए विपक्षी डेमोक्रेट्स के पाले में जाकर मतदान किया। फ्लोरिडा की सांसद मारिया सालाजार ने भी ट्रम्प की बेहद सख्त इमिग्रेशन (प्रवास) नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कई अन्य उम्मीदवारों ने तो यहां तक कह दिया है कि वे अपने चुनाव प्रचार में किसी भी रूप में ट्रम्प की छवि का इस्तेमाल नहीं करना चाहते।
पुराने वफादारों ने भी बनाई किनाराकशी
रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प से दूरी बनाने वाले नेताओं की सूची में कई ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जो लंबे समय तक उनके कट्टर समर्थक माने जाते थे। गवर्नर पद के चुनाव लड़ रहे विस्कॉन्सिन के टॉम टिफनी, एरिजोना के एली क्रेन और जॉर्जिया के रिक जैक्सन जैसे नाम इस फेहरिस्त में प्रमुख हैं। इसके अलावा कांग्रेस सांसदों में जॉर्जिया की मार्जरी टेलर, केंटकी के जेम्स कोमर, ओहायो के जिम जॉर्डन और साउथ कैरोलिना की नैन्सी मेस जैसे कद्दावर नेता भी शामिल हैं। रिपब्लिकन उम्मीदवारों के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह है कि वे जनता के बीच महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ मुखर होकर प्रचार तो करना चाहते हैं, लेकिन वे व्हाइट हाउस में बैठी अपनी ही पार्टी के राष्ट्रपति की आर्थिक नीतियों की आलोचना कर पूरी तरह अलग भी नहीं दिख पा रहे हैं।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026






















