डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने बुधवार को भूजल पुनर्भरण के संभावित क्षेत्रों की पहचान और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त संरचनाओं की योजना बनाने के लिए ‘पुनर्भरण’ मोबाइल एप लांच किया। जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय जल मिशन और बिसाग-एन ने संयुक्त रूप से यह एप विकसित किया है।
इसके माध्यम से तीन किलोमीटर के दायरे में कृत्रिम भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवाटर रिचार्ज) के संभावित क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है। एप में वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उपलब्धता, जमीन की ढलान और जल निकासी जैसे भौगोलिक आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे भूजल संरक्षण और प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक तरीके से योजना बनाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ उपलब्ध वेब पोर्टल पर गांव स्तर के कृत्रिम भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के क्षेत्रवार मानचित्र, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) के उपकरण और विभिन्न विषयगत आंकड़े भी उपलब्ध कराए गए हैं। इन सुविधाओं से स्थानीय जरूरतों के अनुसार पुनर्भरण योजनाओं के चयन और निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
