बस्ती जिले के हरैया तहसील क्षेत्र के दुबौली गांव में आबादी की जमीन को लेकर विवाद है। एक दिव्यांग व्यक्ति और उनकी पत्नी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना-पत्र देकर राजस्व रिकॉर्ड की जांच और कथित फर्जीवाड़े के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना-पत्र के मुताबिक, विवादित जमीन पहले ग्राम समाज की बंजर भूमि थी। दंपती का दावा है कि 1969-70 की चकबंदी के दौरान तत्कालीन ग्राम प्रधान ने उनके पूर्वज को वहां बसाया था। उस समय उन्हें इंदिरा आवास भी मिला था। दंपती का कहना है कि तब से उनका परिवार वहां मकान, मड़हला, छप्पर, चरन, सहन और नल बनाकर रह रहा है। प्रार्थियों का आरोप है कि गांव के दो लोगों ने नाजायज प्रलोभन देकर चकबंदी रिकॉर्ड में बिना आपत्ति, मुकदमे या आदेश के अपने नाम दर्ज करा लिए। उनका यह भी आरोप है कि जमीन के कुछ हिस्से का फर्जी बैनामा कराया गया। दंपती के मुताबिक, दूसरे पक्ष का वहां कभी कब्जा नहीं रहा। दंपती ने आरोप लगाया कि उनकी गरीबी और कमजोरी का फायदा उठाकर उन्हें जमीन से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने थाने में झूठी शिकायत कर परेशान करने का भी आरोप लगाया। प्रार्थियों ने राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर कथित फर्जी नाम हटाने, दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने और उनके स्वामित्व व कब्जे में दखल रोकने की मांग की है। प्रार्थना-पत्र के साथ चकबंदी से जुड़े रिकॉर्ड की छायाप्रति भी दी गई है। दूसरे पक्ष का बयान अभी नहीं मिल सका है।
जमीन के रिकॉर्ड में फर्जी नाम दर्ज कराने का आरोप:बस्ती के दुबौली गांव में एसपी से जांच और कार्रवाई की मांग
और पढ़ें
›
रुकसार ने आलिमा की तालीम पूरी की:हेमपुर के प्रधान रईस अहमद की बेटी ने भिनगा बाजार के जामिया हुमैरा लिलबनात से पढ़ाई की
›
नौतनवा थाने में दीपावली-छठ से पहले पीस कमेटी की बैठक:अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की
›
बस्ती के भाजपा नेता गोरखपुर पदयात्रा में शामिल होंगे:4 नवंबर को महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होगा मार्च
