बहादुरपुर विकासखंड के कलवारी थाना क्षेत्र स्थित महुआ डाबर में छोटी दीपावली पर लतीफ शाह बाबा दरबार का पारंपरिक मेला शुरू हुआ। यह मेला सुबह से पूरी रात चलता है और दीपावली की सुबह खत्म होता है।
मेले में आसपास के गांवों और दूरदराज के इलाकों से लोग पहुंच रहे हैं। मौत का कुआं, बड़े झूले और मनोरंजन के दूसरे साधन लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। यहां खानपान, खिलौनों और घरेलू उपयोग की चीजों की दुकानें भी लगी हैं।
मेले की खास पहचान भेल का जूस है। इसे पीने के लिए लोग खास तौर पर पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इससे कई तरह की बीमारियों में लाभ मिलता है। इसी मान्यता के चलते मेले में इसकी मांग रहती है। हालांकि, बीमारियों के इलाज में इसके असर की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, लतीफ शाह बाबा दरबार का यह मेला सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। हर साल दीपावली से एक दिन पहले लगने वाला यह मेला इलाके की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है।
महुआ डाबर में छोटी दीपावली पर मेला शुरू:मौत का कुआं और झूले बने आकर्षण
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