महराजगंज में नेपाल के तराई इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद उफनाई गंडक नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। सोमवार तड़के वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से इस सीजन का रिकॉर्ड 5 लाख 43 हजार 500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद निचलौल और सोहगीबरवा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। बुधवार शाम चार बजे बैराज से पानी का डिस्चार्ज घटकर 1 लाख 19 हजार क्यूसेक रह गया। इससे प्रभावित इलाकों में लोगों को राहत मिली है। बाढ़ के कारण सोहगीबरवा क्षेत्र के भोतहा और शिकारपुर के कई टोलों में पानी भर गया था। संपर्क मार्गों पर पानी आने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हुई। बुधवार को जलस्तर घटने के बाद भी कई स्थानों पर रास्ते पूरी तरह साफ नहीं हुए हैं। सोहगीबरवा गांव में क्षतिग्रस्त सड़क के हिस्से में अब भी पानी जमा है। हालांकि अधिकांश जगहों पर पानी घुटने से नीचे रह गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम अवनीश त्रिपाठी और तहसीलदार अमित सिंह को शिकारपुर के पहले रास्ते में अभी भी गहरा पानी मिला। मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा इस दौरान छोटे बच्चों को पानी के बीच से निकलने में परेशानी होती देख दोनों अधिकारियों ने बच्चों को खुद गोद में उठाया और सुरक्षित तरीके से पानी पार कराया। अधिकारियों के इस मानवीय प्रयास ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। इसके बाद अधिकारियों की टीम सोहगीबरवा पहुंची और बाढ़ के बाद की स्थिति का निरीक्षण किया। एसडीएम की अध्यक्षता में तहसीलदार अमित सिंह, डीआरओ श्रेया मिश्रा, बीडीओ और एमओआईसी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। गंडक नदी का जलस्तर लगातार घटने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी जारी रखने के साथ जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गंडक का डिस्चार्ज घटकर 1.19 लाख क्यूसेक:महराजगंज में बाढ़ प्रभावित गांवों को मिली राहत
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