जमुनहा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मल्हीपुर की एंबुलेंस पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। देखरेख के अभाव में एंबुलेंस अब परिसर में खड़ी-खड़ी जंग खा रही है, लेकिन इसे ठीक कराकर दोबारा मरीजों की सेवा में लगाने के लिए पहल नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सीएचसी की इमरजेंसी में मरीजों को लाने-ले जाने के लिए एकमात्र एंबुलेंस थी। इसके खराब होने से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को दूसरी एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ रहा है। महीनों से खड़ी एंबुलेंस, नहीं हुई मरम्मत स्थानीय लोगों के अनुसार मल्हीपुर सीएचसी की एंबुलेंस कई महीनों से खराब हालत में पुरानी सीएचसी परिसर में खड़ी है। लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने के कारण वाहन धूल और गंदगी से पट गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एंबुलेंस की देखरेख नहीं होने से अब इसमें जंग भी लग रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार इसे दुरुस्त कराने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। एकमात्र एंबुलेंस खराब होने से बढ़ी परेशानी ग्रामीणों ने बताया कि इमरजेंसी के समय मरीजों को सीएचसी तक पहुंचाने और यहां से दूसरे अस्पताल ले जाने में यही एंबुलेंस काफी महत्वपूर्ण थी। अब इसके खराब होने से मरीजों को दूसरी एंबुलेंस पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अचानक गंभीर स्थिति बनने पर समय पर वाहन उपलब्ध नहीं होने से परिजनों की परेशानी बढ़ जाती है। गर्भवती और गंभीर मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत एंबुलेंस की सुविधा प्रभावित होने का असर सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक ऐसे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है। दूसरी एंबुलेंस के भरोसे रहने के कारण कई बार इंतजार करना पड़ता है। इससे मरीजों के परिजनों में चिंता बनी रहती है। खराब सड़कों से दूसरी एंबुलेंस पर भी दबाव स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की सड़कें पहले से खराब हैं। ऐसे में मरीजों को लाने-ले जाने वाली दूसरी एंबुलेंस पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि लगातार खराब रास्तों पर चलने से दूसरी गाड़ियां भी जल्द खराब हो सकती हैं। इससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्या और बढ़ सकती है। शिकायतों के बाद भी सिर्फ आश्वासन ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार सीएचसी प्रभारी और उच्च अधिकारियों से खराब एंबुलेंस को ठीक कराने की मांग की, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। पुरानी सीएचसी परिसर में खड़ी एंबुलेंस लोगों के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का उदाहरण बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और सीएमओ से मांग की है कि एंबुलेंस की जल्द मरम्मत कराकर उसका संचालन शुरू कराया जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की सुविधा मिल सके।

















