
बहराइच के कैसरगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत वैरीमहेशपुर में निराश्रित और निःसंतान विधवा महिला ने अपने नाम दर्ज पट्टे की जमीन की दोबारा जांच कराने की मांग की है। महिला का आरोप है कि राजस्व टीम ने 21 अगस्त 2026 को दी गई रिपोर्ट में पट्टे की जमीन मौके पर उपलब्ध नहीं बताई है, जबकि उसके मुताबिक जमीन मौके पर मौजूद है। महिला ने एसडीएम कैसरगंज को प्रार्थना पत्र देकर किसी दूसरी राजस्व टीम से दोबारा पैमाइश और सीमांकन कराने की मांग की है। 2019 में मिला था जमीन का पट्टा वैरीमहेशपुर निवासी गीता श्रीवास्तव पत्नी स्व. राजकुमार के मुताबिक, उन्हें वर्ष 2019 में गाटा संख्या 771/4 में दर्ज कुल 0.024 हेक्टेयर जमीन में से 0.012 हेक्टेयर भूमि का पट्टा मिला था। पट्टे की जमीन उनके नाम दर्ज है। महिला का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह समय पर जमीन पर निर्माण नहीं करा सकीं। पति की बीमारी और मौत के बाद नहीं करा सकीं निर्माण गीता श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पति की बीमारी के बाद मृत्यु हो गई। आर्थिक तंगी के चलते वह पट्टे की जमीन पर निर्माण नहीं करा पाईं। उनका कहना है कि जमीन पर निर्माण नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि पट्टे की भूमि मौके पर मौजूद ही नहीं है। राजस्व रिपोर्ट में जमीन मौके पर नहीं बताई महिला के अनुसार, 21 अगस्त 2026 को राजस्व टीम की ओर से जांच रिपोर्ट दी गई। इसमें पट्टे की जमीन मौके पर उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई है। गीता श्रीवास्तव ने इस रिपोर्ट पर असहमति जताई है। उनका कहना है कि मौके पर सड़क से लेकर बीच में जमीन बची हुई है, इसलिए वास्तविक स्थिति की दोबारा जांच जरूरी है। दूसरी राजस्व टीम से पैमाइश की मांग गीता श्रीवास्तव ने एसडीएम कैसरगंज को दिए प्रार्थना पत्र में पहले जांच करने वाली टीम से अलग किसी दूसरी राजस्व टीम को मौके पर भेजने की मांग की है। उन्होंने दोबारा पैमाइश और सीमांकन कराने का अनुरोध किया है, ताकि राजस्व अभिलेखों में दर्ज जमीन और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सके। रिकॉर्ड और मौके की स्थिति साफ करने की मांग महिला का कहना है कि दोबारा पैमाइश और सीमांकन होने से पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि उनके नाम दर्ज पट्टे की भूमि मौके पर कहां और कितनी है। उन्होंने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। जमीन मिलने पर कब्जा दिलाने की गुहार गीता श्रीवास्तव ने प्रशासन से उनके नाम दर्ज पट्टे की जमीन की स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पैमाइश और सीमांकन में जमीन मौके पर मिलती है तो नियमानुसार उन्हें उस पर कब्जा दिलाया जाए। महिला ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

















































