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मिड-डे मील का राशन बेचने का आरोप:मास्टर बोरियां ले जाते पकड़े गए तो बोले- दूसरे गोदाम में रखवा रहे; 3 दिन बाद बाइक से स्कूल लौटा राशन

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बहराइच के मिहींपुरवा क्षेत्र स्थित माधवपुर पसवान कुट्टी के प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील के सरकारी राशन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के मास्टर संजय कुमार राशन की बोरियां बाहर ले जाकर बेच रहे थे। ग्रामीणों ने दूसरी बार बोरियां ले जाते समय उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने राशन को दूसरे गोदाम में रखने की बात कही, लेकिन विद्यालय का गोदाम लगभग खाली मिला। आरोप है कि पहले भी राशन की बोरियां गायब की जा चुकी हैं। घटना के तीन दिन बाद वही बोरियां बाइक से वापस विद्यालय लाई गईं। पहले भी गायब होने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप ग्रामीणों के मुताबिक, विद्यालय से मिड-डे मील के राशन की कुछ बोरियां पहले ही गायब हो गई थीं। उस समय मामले को लेकर कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद जब दूसरी बार राशन की बोरियां विद्यालय से बाहर ले जाई जा रही थीं, तो ग्रामीणों ने नजर रखी और मास्टर संजय कुमार को बोरियों के साथ पकड़ लिया। पूछने पर बोले- दूसरे गोदाम में रखवा रहे हैं ग्रामीणों ने जब संजय कुमार से पूछा कि राशन की बोरियां कहां ले जाई जा रही हैं, तो उन्होंने कथित तौर पर बताया कि राशन को दूसरे गोदाम में रखवाया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीण विद्यालय परिसर में पहुंचे और गोदाम का कमरा देखा। ग्रामीणों का दावा है कि गोदाम लगभग खाली था और वहां सिर्फ दो बोरी राशन रखी मिली। ग्रामीण बोले- किसी और के हाथों बिकवाया जा रहा राशन ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी राशन को किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से बाहर बिकवाया जा रहा था। उनका कहना है कि पहले की कई बोरियां भी बेचे जाने की आशंका है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर राशन के स्टॉक और उसके वितरण का रिकॉर्ड खंगालने की मांग की है। सवाल पूछने पर ग्रामीण को धमकी देने का आरोप ग्रामीण अरुण कुमार ने जब मास्टर संजय कुमार से राशन के संबंध में सवाल किया तो आरोप है कि उन्हें धमकी दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कराने की मांग की है। तीन दिन बाद बाइक से वापस आया राशन ग्रामीणों के अनुसार, घटना के तीसरे दिन यानी 7 सितंबर को वही राशन की बोरियां एक बाइक पर लादकर वापस विद्यालय लाई गईं। ग्रामीणों का दावा है कि राशन पकड़े जाने के बाद कार्रवाई के डर से उसे वापस लाया गया। इस घटनाक्रम ने ग्रामीणों के आरोपों को और गंभीर बना दिया है। कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे उनमें नाराजगी है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विद्यालय के राशन स्टॉक का सत्यापन करने और दोषी पाए जाने पर मास्टर संजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी राशन गरीब बच्चों के लिए है और इसके दुरुपयोग पर रोक लगना जरूरी है।

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