चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से पनियरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से ही लगातार तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर हो रही बारिश ने अन्नदाताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। मौसम के इस अचानक बिगड़े मिजाज ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। खेतों में धान की पकी हुई फसलें लहलहा रही हैं, लेकिन कटाई के मुहाने पर आई इस विपदा ने किसानों के चेहरों पर शिकस्त दे दी है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि वर्तमान में धान की कटाई का मुख्य समय चल रहा है, लेकिन अभी बमुश्किल 2% फसल ही खेतों से कटकर घर या खलिहान तक पहुंच पाई है। अधिकांश इलाकों में धान की फसलें अभी खेतों में ही खड़ी हैं। लगातार चल रही ठंडी और तेज हवाओं के कारण खेतों में भारी भरकम बालियों से लदे धान के पौधे जमीन पर बिछने लगे हैं, जिससे उत्पादन पर भारी असर पड़ने की पूरी आशंका है। क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों—गणेश प्रजापति, प्रदीप यादव, सुरेंद्र यादव, राजेंद्र चौरसिया, सुनील चौधरी और अखिलेश जायसवाल ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि यदि यह बारिश और हवाएं कुछ दिन और थमने का नाम नहीं लेंगी, तो किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी। हवा और पानी के मेल से धान के दाने काले पड़ने लगे हैं और खेतों में जलभराव होने से बालियां सड़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। इस बेमौसम बारिश और चक्रवाती तूफान ने केवल धान को ही नहीं, बल्कि आगामी रबी की फसल को भी संकट में डाल दिया है। धान की कटाई लेट होने के कारण किसानों को खेतों की समय पर जुताई और गेहूं की बुवाई पिछड़ने का भी डर सता रहा है। यदि खेत समय पर खाली नहीं हुए, तो रबी की फसलों का चक्र भी पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
पनियरा में अर्नब तूफान से धान की फसल गिरी:तेज हवाओं और बारिश से गेहूं की बुवाई में देरी, किसान परेशान
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