देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति ने रामग्राम के आठवें अस्थि स्तूप पर दीपदान उत्सव आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय बौद्ध महासभा के वरिष्ठ संरक्षक और अध्यक्ष गामा प्रसाद ने की। उन्होंने कहा कि रामग्राम का स्तूप धम्म संस्कृति और इतिहास का प्रतीक है। उनके मुताबिक, भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनके अवशेषों पर बने आठ स्तूपों में यह एकमात्र ऐसा स्तूप है, जिसे सम्राट अशोक नहीं खोल सके थे। नागवंशी कोलियों ने इसकी रक्षा की थी। समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र राव और महामंत्री लक्ष्मी चंद पटेल ने उत्सव के आयोजन में भूमिका निभाई। पदाधिकारियों ने स्तूप के संरक्षण और विकास के साथ इसकी ऐतिहासिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अनिल कुमार गौतम, सुग्रीव कुमार बौद्ध, इमिता बौद्ध और सरिता बौद्ध समेत कई उपासक-उपासिकाएं मौजूद रहे। सभी ने मिलकर त्रिशरण और पंचशील का पाठ किया। उन्होंने मोमबत्तियां और दीपक जलाकर भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
रामग्राम के अस्थि स्तूप पर दीपदान उत्सव हुआ:देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति ने किया आयोजन, बौद्ध समाज के लोगों ने त्रिशरण-पंचशील का पाठ किया
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