मिर्जापुर: कभी कहा जाता था कि अपराधी अंधेरे का सहारा लेते हैं, लेकिन अब आरोप है कि कुछ लोग मोबाइल स्क्रीन की रोशनी में ही जिंदगी अंधेरी करने पर उतर आते हैं। लालगंज थाना क्षेत्र के सहजी गांव की एक 23 वर्षीय अनुसूचित जाति की महिला ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना-पत्र देकर गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना-पत्र के अनुसार महिला का आरोप है कि आरोपी ने पहले दबाव और लालच देकर उससे संबंध बनाए। महिला का यह भी दावा है कि पहले इस मामले में थाने में शिकायत हुई थी, लेकिन बड़े लोगों की मध्यस्थता के बाद समझौता करा दिया गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में लेकर उसकी सिम से फर्जी आईडी बना ली और सोशल मीडिया के जरिए अश्लील फोटो, अभद्र संदेश तथा आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करनी शुरू कर दी। महिला का कहना है कि उसके परिवार की अन्य लड़कियों की तस्वीरें भी साझा कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 15 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे आरोपी ने गांव के कई लोगों के मोबाइल पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी वाले संदेश भेजे। महिला का कहना है कि उसके पास इन धमकियों की रिकॉर्डिंग मौजूद है और वह लगातार मानसिक तनाव में है। उसने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। कि आजकल कुछ लोगों को लगता है कि कानून की सबसे लंबी छुट्टी शायद इंटरनेट पर चलती है—जहां फर्जी आईडी बनाना आसान है, बदनाम करना और भी आसान, लेकिन शिकायत करने वाले को न्याय मिलने की राह सबसे कठिन दिखाई देती है। सवाल यही है कि डिजिटल हथियारों से किए जाने वाले कथित उत्पीड़न पर कार्रवाई की रफ्तार भी क्या कभी मोबाइल नेटवर्क जैसी तेज होगी?
पीड़िता ने एसपी से मांग की है कि लालगंज थाना पुलिस को साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। फिलहाल यह मामला शिकायत के आधार पर दर्ज आरोपों का है और पुलिस की जांच के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
The post UP: फर्जी सोशल मीडिया आईडी से अश्लील सामग्री फैलाने का आरोप, महिला ने एसपी से लगाई गुहार appeared first on Breaking Tube.

















































