बस्ती। लेखपालों के ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार से आय, जाति, मूल निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में 12 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं।
इनमें करीब 500 से 600 आवेदनों की निर्धारित समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे में संबंधित आवेदकों को दोबारा आवेदन करना पड़ सकता है। इसका असर आंगनबाड़ी भर्ती, छात्रवृत्ति, कॉलेजों में प्रवेश और दिव्यांग छात्राओं को मिलने वाली स्कूटी जैसी योजनाओं के लिए जरूरी प्रमाणपत्र बनवाने पर पड़ रहा है।
शुक्रवार को सदर तहसील में लेखपालों ने ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार जारी रखा। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से तहसील पहुंचने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। सदर तहसील में 282 राजस्व क्षेत्र हैं, जिनमें शहरी और ग्रामीण इलाके शामिल हैं।
यहां रोजाना जाति, निवास, आय और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों के अलावा आईजीआरएस से संबंधित ऑनलाइन कार्यों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं। कार्य बहिष्कार के चलते इन आवेदनों पर रिपोर्ट लगाने और उनके निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कॉलेज में प्रवेश और भर्ती के लिए प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे आवेदकों की परेशानी भी बढ़ गई है। रूपा ने बताया कि कॉलेज में प्रवेश के लिए हाल ही में जारी जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र मांगे गए हैं। उन्होंने 10 दिन पहले आवेदन किया था, लेकिन अब तक प्रमाणपत्र नहीं बना है।
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— Mnt News Bharat (@mntnewsbharat) October 5, 2026
















