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पारूल ने ब्यूटी पार्लर खोलकर खुद को बनाया आत्मनिर्भर:क्षेत्र की महिलाओं को भी दे रही ट्रेनिंग, बन रही रोजगार का नया जरिया

पारूल ने ब्यूटी पार्लर खोलकर खुद को बनाया आत्मनिर्भर:क्षेत्र की महिलाओं को भी दे रही ट्रेनिंग, बन रही रोजगार का नया जरिया

मुंडेरवा कस्बे में एक बेटी ने अपने हुनर और मेहनत से आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। दुर्गा चौरसिया की बेटी पारूल ने अपने घर में ‘पारूल ब्यूटी पार्लर’ शुरू किया है। यहां वह खुद रोजगार करने के साथ क्षेत्र की महिलाओं को भी हुनरमंद बनाकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। ब्यूटी पार्लर में प्रशिक्षण लेकर कई महिलाएं अब घर से ही काम शुरू कर चुकी हैं। हुनर सीखकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं पारूल के ब्यूटी पार्लर में महिलाओं को सौंदर्य से जुड़ी विभिन्न सेवाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को ऐसा हुनर सिखाना है, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं रोजगार के नए अवसर तलाश रही हैं। इससे उन्हें परिवार की आर्थिक मदद करने का मौका भी मिल रहा है। मेकअप से लेकर हेयर स्टाइलिंग तक की ट्रेनिंग पार्लर में स्थानीय प्रशिक्षकों की मदद से महिलाओं को मेकअप, हेयर स्टाइलिंग, स्किन केयर, थ्रेडिंग और ग्रूमिंग की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सौंदर्य सेवाओं से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी जाती है, ताकि वे ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दे सकें। इस हुनर के जरिए महिलाएं स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा रही हैं। घर से काम शुरू कर बढ़ाई आमदनी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कई महिलाओं ने घर से ही काम करना शुरू कर दिया है। कोई मेहंदी लगाने और ब्राइडल मेकअप की सेवाएं दे रही है, तो कोई घर पर ही ग्रूमिंग से जुड़ा काम कर रही है। इससे उन्हें अपनी सुविधानुसार काम करने और आमदनी बढ़ाने का अवसर मिला है। छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह काम अब महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती का जरिया बन रहा है। घरेलू काम तक सीमित रहने वाली महिलाओं को मिला हौसला प्रशिक्षण लेने वाली अर्चना बताती हैं कि पहले उनका अधिकांश समय घरेलू कामकाज में ही बीतता था। ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और खुद के पैरों पर खड़े होने का हौसला मिला है। अब वह भी रोजगार के अवसरों को लेकर पहले से अधिक आत्मविश्वास महसूस करती हैं। पारूल की पहल से दूसरी महिलाओं को मिल रही प्रेरणा पारूल ने खुद आत्मनिर्भर बनकर दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है। उनकी पहल से महिलाओं को घर के आसपास ही हुनर सीखने और रोजगार शुरू करने का अवसर मिल रहा है। प्रशिक्षण के जरिए वे अपने कौशल को काम में बदल रही हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बनने की कोशिश कर रही हैं। अधिक महिलाओं को जोड़ने की है योजना पारूल का कहना है कि उनकी योजना ब्यूटी पार्लर के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने की है। वह चाहती हैं कि महिलाएं हुनर सीखें, रोजगार शुरू करें और अपनी पहचान बनाएं। उनकी यह पहल स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

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