श्रावस्ती में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर में प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ने के मामले में परिजनों ने स्टाफ नर्स पर रुपए मांगने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्टाफ नर्स आरती यादव को तत्काल प्रभाव से लेबर रूम की ड्यूटी से हटा दिया है। हरदत्तनगर गिरंट थाना क्षेत्र के इटहिया खजुरी निवासी ओम प्रकाश आर्य ने शिकायत में बताया कि 29 सितंबर 2026 को वह पत्नी शांति देवी को प्रसव के लिए सीएचसी मल्हीपुर लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि प्रसव के दौरान स्टाफ नर्स आरती यादव ने उनकी मां से 2 हजार रुपए मांगे। प्रसव के बाद नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कराने के लिए 1200 रुपए और लेने का भी आरोप लगाया गया है। बहराइच से लखनऊ रेफर किया गया नवजात शिकायतकर्ता के अनुसार, वह नवजात को बहराइच स्थित अरविंद चाइल्ड केयर लेकर पहुंचे। वहां से बच्चे को लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिजनों ने सीएचसी में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने का भी आरोप लगाया है। अधीक्षक ने लेबर रूम की ड्यूटी से हटाया मामले में सीएचसी मल्हीपुर के अधीक्षक डॉ. रविंद्र सोनकर ने 2 अक्टूबर को कार्यालय आदेश जारी किया। इसमें स्टाफ नर्स आरती यादव को तत्काल प्रभाव से लेबर रूम की ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया। आदेश में लगातार गंभीर शिकायतें मिलने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने का उल्लेख है। साथ ही, बार-बार मौखिक रूप से समझाने के बावजूद कार्य व्यवहार में सुधार नहीं होने की बात कही गई है। अग्रिम आदेश तक अन्यत्र ड्यूटी के निर्देश अधीक्षक ने स्टाफ नर्स को तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने और अग्रिम आदेश तक अन्यत्र ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेजने की चेतावनी दी गई है। आदेश की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, श्रावस्ती को भी भेजी गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से रुपए मांगने और इलाज में लापरवाही के लगाए गए आरोपों की जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
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