
बलरामपुर के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की शिक्षा को रोचक, आनंददायक और गतिविधि आधारित बनाने के लिए प्रत्येक शनिवार ‘नो बैग डे’ का आयोजन किया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार के निर्देशन में यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। ‘नो बैग डे’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्य-पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए उनकी कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता, शारीरिक सक्रियता, टीम भावना और जीवनोपयोगी कौशल का विकास करना है। इस दिन बच्चे नियमित किताबी पढ़ाई से अलग खेलकूद, कला एवं क्राफ्ट, पर्यावरण संरक्षण और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेते हैं। हाल ही में, जिले के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक इन गतिविधियों में प्रतिभाग किया। कंपोजिट विद्यालय आदर्श, नगर क्षेत्र बलरामपुर में खेलकूद गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न खेलों में भाग लेकर अनुशासन, आपसी सहयोग, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीमवर्क के गुण सीखे। वहीं, प्राथमिक विद्यालय चवई बुजुर्ग में इको क्लब के माध्यम से बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों ने विद्यालय परिसर में लगे पेड़-पौधों की देखभाल और सिंचाई में सक्रिय रूप से सहभागिता की, जिससे उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना विकसित हुई। कला एवं क्राफ्ट गतिविधि के दौरान बच्चों ने पेड़ों से गिरी पत्तियों का रचनात्मक उपयोग करते हुए मोर और तितली की सुंदर आकृतियां बनाईं। इस गतिविधि ने बच्चों की कल्पनाशक्ति, कलात्मक प्रतिभा और सृजनात्मक क्षमता को एक मंच प्रदान किया। ‘नो बैग डे’ के माध्यम से बच्चों को खेलने, सृजन करने और अनुभव से सीखने का महत्वपूर्ण अवसर मिल रहा है। यह पहल बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे शिक्षा अधिक व्यावहारिक और आनंददायक बन रही है।



























