Home देश ‘महिलाएं घर में रहें, बच्चे पालें’, मौलाना रशीदी ने शरिया कानून को...

‘महिलाएं घर में रहें, बच्चे पालें’, मौलाना रशीदी ने शरिया कानून को बताया जरूरी

0
10
News Desk

तिरुवनंतपुरम। केरल के वरिष्ठ सुन्नी धर्मगुरु कांथापुरम एपी अबूबक्र मुसलियार द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद देश का राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। इस विवाद के बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कांथापुरम के रुख का पुरजोर समर्थन किया है। रशीदी ने दावा किया कि जब तक देश में इस्लामिक कानून (शरिया) लागू नहीं किया जाता, तब तक महिलाओं की संपूर्ण सुरक्षा संभव नहीं है। उन्होंने लैंगिक समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नाम पर महिलाओं के कार्यबल (वर्कफोर्स) में शामिल होने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि इससे समाज में नैतिक मूल्यों का पतन हुआ है। साजिद रशीदी ने तर्क दिया कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी से कड़ी धार्मिक सजाएं लागू की जानी चाहिए।

महिलाओं के कार्यबल में शामिल होने पर उठाए सवाल

मौलाना साजिद रशीदी का कहना है कि जब तक अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने वाले सख्त कानून नहीं बनेंगे, तब तक महिला सुरक्षा की समस्या बनी रहेगी। उन्होंने पारंपरिक व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी घर के भीतर रहकर बच्चों का सही पालन-पोषण करना और गृहस्थी संभालना है। इसके विपरीत, पुरुषों का मुख्य कर्तव्य बाहर निकलकर आर्थिक उपार्जन करना और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करना है। उनका मानना है कि स्वतंत्रता के नाम पर महिलाओं को नौकरी या काम पर भेजने की जो होड़ चल रही है, वही वास्तव में उनकी असुरक्षा का मुख्य कारण बन रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here