
बस्ती जिले के भानपुर तहसील क्षेत्र के भानपुर, सोनहा, बरगदवा, पटखौली, नरखोरिया, असनहरा, दुबौली, शनिचरा और मझारी सहित अनेक गांवों में हल षष्ठी (ललई छठ) का व्रत धूमधाम से मनाया गया। इस दिन माताएं अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। व्रत के दौरान महिलाएं महुआ, महुआ का पत्ता, तिन्नी का चावल, भैंस का दही, धूप, फूल और अगरबत्ती का उपयोग करती हैं। सुबह के समय माताएं कुश के पौधे में गांठ बांधकर छठी माता से अपने पुत्र की लंबी आयु की कामना करती हैं। सभी माताएं एक साथ इकट्ठा होकर छठ माता की कथा व कहानी सुनती हैं। ऐसी मान्यता है कि जो इस कथा को सुनता या सुनाता है, उसके पुत्र को लंबी उम्र और सुख-समृद्धि मिलती है। शाम को माताएं तिन्नी का चावल, साग और दही खाकर व्रत का पारण करती हैं। इस अवसर पर सुमन सिंह, पूनम सिंह, खुशबू सिंह, ज्योति सिंह, रेखा, मंजू, माधुरी, शीला और सुमन ने बताया कि जब से वे छठी माता का व्रत रख रही हैं, उनके परिवार और पुत्रों पर कोई कठिनाई या परेशानी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि सभी माताओं को यह व्रत रखना चाहिए, जिससे उनके परिवार में कोई परेशानी न आए। खासकर जिन माताओं के पुत्र हैं, उन्हें यह व्रत जरूर रखना चाहिए।
































