
श्रावस्ती के इकौना तहसील में सिसवारा घाट के पास राप्ती नदी का कटान तेज हो गया है। इससे सड़क और आसपास के इलाकों पर खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी सड़क के किनारे तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ रही है। कटान रोकने के लिए कर्मचारी और मजदूर मौके पर काम कर रहे हैं। इसी बीच, काम कर रहे मजदूरों ने ठेकेदार पर मजदूरी में कटौती करने का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि बोरी में मिट्टी भरने के काम की मजदूरी कई जगहों पर करीब आठ रुपये प्रति बोरी बताई जाती है, लेकिन उन्हें सिर्फ पांच रुपये प्रति बोरी के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। सिसवारा के रहने वाले मजदूर ननकू के साथ परसोत्तमपुर-पटकौली क्षेत्र के संदीप और राजू भी मौके पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे दिनभर मेहनत कर कटान रोकने में लगे हैं, लेकिन मजदूरी में कटौती के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी हो रही है। मजदूरों ने ठेकेदार पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। मजदूर ननकू के सिर में चोट लगी है और पट्टी बंधी होने के बावजूद वह काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार का खर्च मजदूरी से ही चलता है। पूरे दिन काम करने के बाद मिलने वाली रकम से उनके बच्चे घर का जरूरी सामान खरीदते हैं। ऐसे में मजदूरी में कटौती होने से परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और उन्हें उनके काम के हिसाब से सही मजदूरी दी जाए। उनका कहना है कि अगर उन्हें मेहनत के मुताबिक भुगतान मिलेगा, तो वे और बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे। वहीं, राप्ती नदी के लगातार कटान को देखते हुए लोगों ने सड़क और आसपास के इलाके को सुरक्षित रखने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की भी मांग की है।
































