Home उत्तर प्रदेश एसपी ने जनसुनवाई में सुनीं फरियादियों की समस्याएं:बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने भूमि...

एसपी ने जनसुनवाई में सुनीं फरियादियों की समस्याएं:बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने भूमि विवाद, साइबर फ्रॉड और महिला उत्पीड़न समेत मामलों पर दिए निर्देश

0
7


बलरामपुर में आम लोगों की शिकायतों का जल्द और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई की। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पहुंचे शिकायतकर्ताओं ने एसपी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मामले की प्रकृति के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड और महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों से गूगल मीट के माध्यम से सीधे संवाद कर मामलों की स्थिति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई में भूमि विवाद और चकबंदी से संबंधित कई मामले सामने आए। इन मामलों में केवल पुलिस कार्रवाई के बजाय राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर समाधान कराने पर जोर दिया गया। एसपी ने निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाई जाए। टीम मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश और वास्तविक स्थिति की जांच करेगी। इसके बाद नियमों के अनुसार विवाद का समाधान कराने की कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने अधिकारियों से कहा कि भूमि विवाद के मामले लंबे समय तक लंबित न रहें और दोनों पक्षों की स्थिति को सुनते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिला संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई जनसुनवाई में महिलाओं और लड़कियों से जुड़ी शिकायतों को भी प्राथमिकता दी गई। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला उत्पीड़न या किसी भी प्रकार की शिकायत सामने आने पर मामले को गंभीरता से लिया जाए और जरूरत के अनुसार तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और उनके साथ संवेदनशील व्यवहार करने पर भी जोर दिया। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और उसकी समस्या का समयबद्ध समाधान किया जाए। जनसुनवाई में ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के मामले भी सामने आए। एसपी ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए शिकायतों को तत्काल साइबर सेल भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड की शिकायत मिलने के बाद समय गंवाना नुकसान बढ़ा सकता है। इसलिए शिकायतकर्ताओं से 24 घंटे के अंदर संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाए। संबंधित पुलिसकर्मियों को मामलों की नियमित निगरानी करने और पीड़ित को कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए। थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों से गूगल मीट पर बात जनसुनवाई के दौरान एसपी ने केवल शिकायत सुनने तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी। उन्होंने मौके से ही संबंधित थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों से गूगल मीट के जरिए बातचीत की। अधिकारियों से संबंधित मामलों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली गई और जहां तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत थी, वहां कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसपी ने अधिकारियों से कहा कि फरियादियों की शिकायतों का निस्तारण कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक समाधान दिखाई देना चाहिए। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को साफ निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से जनता के साथ विनम्र, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण व्यवहार करने को कहा। एसपी ने कहा कि थाने में आने वाला हर व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है। उसकी समस्या को ध्यान से सुनना और उसे उचित मदद देना पुलिस की जिम्मेदारी है। किसी भी शिकायतकर्ता को टालने या अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायत मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की खुद करेंगे समीक्षा एसपी ने कहा कि वह केवल शिकायतों के निस्तारण की संख्या पर नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता पर भी नजर रखेंगे। जनसुनवाई में मिली शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा पुलिस अधीक्षक स्तर से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जहां दूसरे विभागों के सहयोग की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान कराया जाए। जनसुनवाई के दौरान एसपी ने यह संदेश भी दिया कि पुलिस प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ित को उचित न्याय और सहायता उपलब्ध कराना है। इस पहल से जिले में पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने तथा शिकायतों के प्रभावी समाधान की दिशा में प्रयास तेज होने की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here