
अमोढ़ा क्षेत्र में शिक्षक दिवस पर कई स्कूलों में कार्यक्रम हुए। प्राथमिक विद्यालय धिरौलीबाबू में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां प्रभारी प्रधानाध्यापक अमित पाण्डेय ने बच्चों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को डॉ. राधाकृष्णन की महत्ता और देश की शिक्षा में उनके योगदान की जानकारी दी। धिरौलीबाबू प्राथमिक विद्यालय में बच्चों और शिक्षकों ने केक काटकर शिक्षक दिवस मनाया। विपिन, शिवाली, चांदनी, एंजल और मोहम्मद हसन नाम के बच्चों ने शिक्षकों को उपहार भी दिए। इस मौके पर सहायक अध्यापक हरि प्रकाश वर्मा, शिक्षामित्र रामचंदर, लालिमा सिंह और रंजू सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। इसी तरह अमोढ़ा क्षेत्र के जूनियर विद्यालय पूरे हेमराज में भी शिक्षक दिवस मनाया गया। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मधुकर उपाध्याय ने बच्चों को डॉ. राधाकृष्णन के बताए रास्ते पर चलने की सीख दी। उन्होंने बताया कि डॉ. राधाकृष्णन खुद भी शिक्षक थे। राष्ट्रपति रहते हुए भी उन्होंने पढ़ाना नहीं छोड़ा और नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाते थे। शिक्षकों ने पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के जीवन पर भी प्रकाश डाला। इस मौके पर स्कूल में कई तरह के कार्यक्रम भी हुए। विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों को मिठाई बांटी। अर्चना, साजिया, जैयद, साक्षी और दीपांशु जैसे बच्चों ने शिक्षकों को उपहार दिए। विद्यालय पर सहायक अध्यापक विनोद कुमार और सहायक अध्यापिका सरोज देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।































