श्रावस्ती जिले के इकौना तहसील में मझिला बनकटी से लाल बनकटी जाने वाली सड़क पर कई जगहों पर पानी भर जाता है और कीचड़ जमा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते से ग्रामीणों को मजबूरी में कीचड़ और पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। यह समस्या कई सालों से बनी हुई है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ जाते हैं। कीचड़ और फिसलन के कारण लोग अक्सर रास्ते में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे कई लोग चोटिल भी हुए हैं। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। उन्हें इसी कीचड़ और पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे उनकी ड्रेस भीग जाती है और कई बार किताबें-कॉपियां भी खराब हो जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय से समस्या होने के बावजूद इसका कोई पक्का समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मांग की है कि सड़क का पक्का समाधान किया जाए। उनका कहना है कि सड़क को ऊंचा बनाकर पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी जमा न हो और ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी न हो।
मझिला बनकटी-लाल बनकटी मार्ग पर जलभराव से ग्रामीण परेशान:कई सालों से कीचड़ और पानी के बीच से गुजरने को मजबूर, स्कूल जाने वाले बच्चे भी होते हैं चोटिल
श्रावस्ती जिले के इकौना तहसील में मझिला बनकटी से लाल बनकटी जाने वाली सड़क पर कई जगहों पर पानी भर जाता है और कीचड़ जमा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते से ग्रामीणों को मजबूरी में कीचड़ और पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। यह समस्या कई सालों से बनी हुई है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ जाते हैं। कीचड़ और फिसलन के कारण लोग अक्सर रास्ते में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे कई लोग चोटिल भी हुए हैं। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। उन्हें इसी कीचड़ और पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे उनकी ड्रेस भीग जाती है और कई बार किताबें-कॉपियां भी खराब हो जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय से समस्या होने के बावजूद इसका कोई पक्का समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मांग की है कि सड़क का पक्का समाधान किया जाए। उनका कहना है कि सड़क को ऊंचा बनाकर पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी जमा न हो और ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी न हो।






























