श्रावस्ती के मल्हीपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर सेमरहनिया गांव में पैतृक मकान और जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद सामने आया है। करीब 23 साल बाद गांव लौटे दो भाइयों का आरोप है कि उनके चाचा ने उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया। दोनों भाई पत्नी और छोटे बच्चे के साथ चार दिन से मकान के बाहर रह रहे हैं। छोटकऊ और गुड़ई, कुआरे के बेटे और लक्ष्मणपुर सेमरहनिया के निवासी हैं। उनके मुताबिक, पिता कुआरे की करीब 25 साल पहले मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी मां राजकुमारी दोनों बच्चों को लेकर दूसरी शादी के बाद सुल्ताना चहेलवा गांव में रहने लगीं। कुछ समय बाद मां की भी मृत्यु हो गई। दोनों भाई बालिग होने के बाद करीब 23 साल बाद पैतृक गांव लौटे। भाइयों का आरोप है कि गांव पहुंचने पर उनके चाचा मणीराम ने मकान में ताला लगा दिया और उन्हें वहां रहने से रोक दिया। उनका कहना है कि चाचा अपने परिवार के लोगों के साथ लाठी-डंडे लेकर मकान के पास रहते हैं। दोनों भाइयों ने चाचा पर करीब चार बीघा खेत पर कब्जा कर खेती करने का भी आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, चार दिन से वे पत्नी और छोटे बच्चे के साथ मकान के बाहर रह रहे हैं। खाने-पीने के लिए गांव के अन्य लोगों का सहारा लेना पड़ रहा है। दोनों भाइयों ने मल्हीपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है। उन्होंने पैतृक मकान में प्रवेश दिलाने की मांग की है। एक महीने के भीतर सुलह-समझौते का फैसला इस संबंध में मल्हीपुर थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को लेकर बातचीत की गई है। दोनों पक्षों के बीच एक महीने के भीतर सुलह-समझौता करने का फैसला लिया गया है। पुलिस की ओर से मामले को आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल, करीब 23 साल बाद पैतृक गांव लौटे दोनों भाइयों का अपने ही घर में प्रवेश नहीं हो पाने का मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
23 साल बाद लौटे भाइयों को घर में प्रवेश नहीं:जमुनहा में चाचा पर मकान में ताला लगाने और चार बीघा खेत पर कब्जे का आरोप
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