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तुलसीपुर में सैकड़ों साल पुराना दुर्गा भवानी मंदिर:पहाड़ों की तलहटी में स्थित, मां दुर्गा के पूजन के बाद अखंड धूने का श्रद्धालु करते हैं दर्शन

तुलसीपुर में सैकड़ों साल पुराना दुर्गा भवानी मंदिर:पहाड़ों की तलहटी में स्थित, मां दुर्गा के पूजन के बाद अखंड धूने का श्रद्धालु करते हैं दर्शन

तुलसीपुर । पहाड़ों की तलहटी में सुहेलवा जंगल के समीप परसपुर कमदा में स्थापित सैकड़ों वर्ष पुराना दुर्गा भवानी मंदिर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस प्राचीन मंदिर में मां दुर्गा भवानी के दर्शन-पूजन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेषकर नवरात्र के दिनों में मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहता है और श्रद्धालु मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना करते हैं। सुहेलवा जंगल की तलहटी में स्थित यह मंदिर अपने शांत और प्राकृतिक वातावरण के लिए भी जाना जाता है। जंगल के समीप एकांत में स्थित मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालु सांसारिक व्यस्तताओं से दूर भक्ति में लीन हो जाते हैं। यहां बड़ी संख्या में भक्त एकांतवास में रहकर मां की आराधना करते हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और विश्वास के अनुसार पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा भवानी के प्रति क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था है। नवरात्र के अवसर पर भक्त विशेष अनुष्ठान कराते हैं। कई श्रद्धालु अपनी पारिवारिक मनौतियों के अनुरूप पूजन, हवन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं। भक्त मां से परिवार की खुशहाली, संतान की उन्नति, सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं। नवरात्र के नौ दिनों में मंदिर में दर्शन-पूजन का विशेष महत्व रहता है।मां दुर्गा के पूजन के बाद अखंड धूने का भी श्रद्धालु दर्शन करते हैं । मंदिर के महंत शिवेंद्र नाथ योगी ने बताया कि दुर्गा भवानी मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। यह मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। नवरात्र के दिनों में यहां बड़ी संख्या में भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का भी प्रतीक है। नवरात्र में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए मां दुर्गा भवानी का दरबार विशेष श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना रहता है।

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