बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत पोखरा में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी लगाई गई है। इसका मकसद राजस्व गांव महुरैईया तक पानी पहुंचाना था, लेकिन यह योजना जमीन पर फेल होती दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब से टंकी लगी है, तब से महुरैईया गांव में सिर्फ एक-दो बार ही पानी की सप्लाई हुई है। पिछले करीब एक साल से पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप है। इसके कारण ग्रामीणों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गांव की सीपी निषाद ने बताया कि पूरे गांव में नल-टोटी लग चुके हैं, इसके बावजूद सप्लाई न होने से लोगों को गंदा पानी पीना पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य मनजीत निषाद ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर कई बार इस समस्या की शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं गांव के बुजुर्ग भोधर निषाद ने भी कहा कि टोटी लगी होने के बावजूद पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव तीन तरफ से मनोरमा नदी से घिरा है। लेकिन, अभी नदी का पानी गंदा है और यही पानी नलों के माध्यम से सप्लाई होता है। इसे पीने से लोगों में बीमारियां फैल रही हैं। इस समस्या को लेकर गांव वाले नाराज दिखे और जल्द से जल्द पानी की सप्लाई शुरू करने की मांग की। इस संबंध में जब जल निगम के जेई अजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर ऐसी कोई समस्या है, तो जल्द ही व्यवस्था को ठीक कराया जाएगा। बता दें कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का दावा किया जाता है। लेकिन, महुरैईया गांव की यह स्थिति इस दावे पर सवाल उठाती है।




















