
आईजीआरएस की रैंकिंग 88 से 95% ले जाने का लक्ष्य, जबरन ओटीपी लेकर शिकायत बंद करने पर होगी कार्रवाई गोंडा। जिले के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कार्यभार संभालते ही पुलिसिंग का रोडमैप स्पष्ट कर दिया। शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने अपनी तीन प्राथमिकताएं गिनाईं। एसपी ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी जनसुनवाई है। सभी कार्यदिवसों में समय से जनसुनवाई होगी और शिकायतों का यथासंभव शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। दूसरी प्राथमिकता अपराध नियंत्रण एवं अपराध की रोकथाम और तीसरी प्राथमिकता शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना है। अगले हफ्ते से लागू होगा रिसीविंग सिस्टमएसपी झा ने जिले की सबसे बड़ी समस्या पर प्रहार करते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अक्सर शिकायत होती है कि फरियादी शिकायत देकर जाता है और बाद में उसे पता ही नहीं चलता कि उसकी फाइल कहां गई। इसे खत्म करने के लिए अगले सप्ताह से नया सिस्टम लागू किया जा रहा है। अब थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक जहां भी शिकायत दी जाएगी, शिकायतकर्ता को उसकी पावती (रिसीविंग) अनिवार्य रूप से दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे दो फायदे होंगे। पहला, फरियादी के पास सबूत रहेगा और दूसरा, पुलिस विभाग सिस्टम के जरिए यह मॉनिटर कर सकेगा कि किस स्तर पर सुनवाई में विलंब हो रहा है। जहां लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही तय होगी। आईजीआरएस पर सख्ती, ओटीपी घोटाले पर चेतावनीएसपी ने बताया कि वर्तमान में जिले की आईजीआरएस संतुष्टि दर 88-89 प्रतिशत है। अगले महीने इसे 95 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने माना कि जबरन ओटीपी लेकर शिकायतों को गलत तरीके से निस्तारित दिखाने की शिकायतें आती हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि ऐसी कोई शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। हमारा प्रयास होगा कि शिकायत का निस्तारण पीड़ित की संतुष्टि के आधार पर हो। प्रभावशाली लोगों के दबाव पर दिया जवाबएक सवाल के जवाब में कि गोंडा में बाहुबलियों और प्रभावशाली लोगों के दबाव में चौकी-थाने काम नहीं करते, एसपी ने कहा, “मैं दो जिलों में दो-दो साल बिना किसी प्रेशर के जनता को न्याय देता रहा हूं। मुझे कभी प्रेशराइज नहीं होना पड़ा। अपने अधीनस्थों से भी यही अपेक्षा करता हूं कि वे बिना किसी दबाव के काम करें।” अराजक तत्वों के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जमीन संबंधी विवादों और पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सुनवाई के सवाल पर एसपी ने कहा कि जनसुनवाई को सिस्टेमेटिक मॉनिटर किया जाएगा ताकि भूमि विवाद जैसे मामलों में भी संतुलन बनाकर निस्तारण हो सके।
























