
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर क्राइम ने एक शातिर अपराधी को लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। उसने इंजीनियरिंग कॉलेज बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बीआईटीएस पिलानी) में प्रवेश दिलाने के नाम पर एक डॉक्टर से 46 लाख रुपये ठगी की थी।अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव ने रविवार को बताया कि आईआईएम रोड एल्डिको टाउनी निवासी डा. किरन चौबे ने साइबर क्राइम थाना में तहरीर दी। उन्हाेंने बताया कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पर संचालित विभिन्न फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी आईडी बना रखी है उन्हीं के लोगों ने कंसल्टेंसी का अधिकारी बनकर उनकी पुत्री का बीआईटीएस पिलानी प्रवेश दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद उन्होंने एडमिशन शुल्क, रजिस्ट्रेशन शुल्क एवं अन्य मदों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन धनराशि स्थानांतरित कराई। इसके अलावा भी अभियुक्तों ने कॉलेज में सीट सुनिश्चित कराने के बहाने नकद धनराशि भी प्राप्त की गई।आरोप है कि अभियुक्तों ने समय-समय पर फर्जी एडमिशन लेटर, रसीदें एवं अन्य कूटरचित दस्तावेज उपलब्ध कराकर पीड़िता को विश्वास में रखा गया। विभिन्न मोबाइल नंबरों एवं फर्जी नामों का प्रयोग कर लगातार संपर्क बनाए रखा। इस दौरान आरोपितों ने एक षड्यंत्र के तहत ऑनलाइन एवं नकद कुल 46 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। मामला दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम टीम ने जांच शुरू की और यशराज बाजपेई के बारे में पता चला। पुलिस ने उसे रविवार को उस समय गिरफ्तार किया जब वह लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से फ्लाइट द्वारा बाहर जाने की फिराक में था। पूछताछ में उसकी संलिप्तता सामने आई है। आरोपित यशराज बाजपेई लखनऊ का रहने वाला है और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र है। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह एवं उसके अन्य साथी सोशल मीडिया पर फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी की आईडी बनाकर उनको संचालित कर अभिभावकों एवं छात्रों को प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद वे फर्जी एडमिशन लेटर, फर्जी रसीदें एवं अन्य कूटरचित दस्तावेज उपलब्ध कराते थे। वे लोग अलग—अलग नाम बताकर अपनी पहचान छिपाते थे। प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों एवं अन्य माध्यमों से स्थानांतरित कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया जाता था।एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपित को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गई। उसके साथियों के बारे में पता लगाया जा रहा है, जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
























