डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक में काम कर रही निजी और आईटी कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर कन्नड़ समर्थक संगठनों ने अभियान तेज कर दिया है। बेंगलुरु में कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता आईटी पार्कों में घुस गए और स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों की मांग की।
दरअसल, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की ओर से कन्नड़ समर्थक संगठनों से कंपनियों में सीधे न जाने की अपील के बावजूद यह अभियान जारी है। कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने पूरे बेंगलुरु में आईटी पार्कों और निजी कंपनियों का दौरा करना शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि कन्नड़ भाषी लोगों (KRV) को रोजगार के अधिक अवसर मिलें।
KRV कार्यकर्ताओं की कई टीमें बेंगलुरु और राज्य के अन्य हिस्सों में फैल गई हैं। संगठन की टीमों ने कंपनियों के प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों में स्थानीय लोगों के अनुपात और पिछले तीन वर्षों के भर्ती आंकड़ों का पूरा ब्योरा मांगा है।
क्या बोला सीएम ने?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, ‘मैं सभी संगठनों से अपील करता हूं कि वे सीधे आईटी-बीटी कंपनियों के पास न जाएं और न ही मामलों को अपने हाथों में लें। ऐसे मुद्दों को बातचीत के जरिए और कानून के दायरे में रहकर ही सुलझाया जाना चाहिए। हमारी सरकार कन्नडिगाओं के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’
हालांकि, KRV की टीमें निजी संस्थानों का दौरा कर रही हैं। वे कंपनियों से उन आरोपों के बारे में जवाब मांग रही हैं, जिनमें कहा गया है कि योग्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।
बेंगलुरु में आईटी कंपनियों के दरवाजे पहुंचा स्थानीय नौकरियों का मुद्दा
मुख्यमंत्री की संयम बरतने की अपील के बावजूद, ‘कर्नाटक रक्षण वेदिके’ (KRV) के कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरु के प्रमुख आईटी पार्कों और निजी कंपनियों का दौरा कर स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों की मांग तेज कर दी है।
सोमवार को संगठन के प्रतिनिधिमंडलों ने सफीना टॉवर स्थित ‘एग्जीक्यूटिव सेंटर इंडिया’, मगदी रोड की ‘क्वालिटी इवैल्यूएशन्स’, बी. नारायणपुरा स्थित ‘ह्यूलेट पैकार्ड एंटरप्राइज’ (HPE) और सी.वी. रमन नगर के ‘बागमाने टेक पार्क’ में जाकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन के जरिए संगठन ने कंपनियों से कुल कर्मचारियों में स्थानीय कन्नडिगाओं का अनुपात, पिछले तीन वर्षों के भर्ती आंकड़े, चयन मानदंड और स्थानीय युवाओं को अवसर देने के कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
संगठन ने भर्ती में कथित भेदभाव की शिकायतों के समाधान और कर्नाटक के युवाओं के लिए कौशल विकास, प्रशिक्षण व इंटर्नशिप के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है।
