
रेहरा बाजार में भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत ने ग्राम सभा देवारी खेरा में एक जनजागरूकता पंचायत का आयोजन किया। इस दौरान किसानों ने खाद की कथित कालाबाजारी, बूधीपुर साधन सहकारी समिति के ठप संचालन और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। भाकियू के जिला अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष बच्चराज वर्मा और तहसील अध्यक्ष बड़ेलाल पांडेय ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि बूधीपुर साधन सहकारी समिति का संचालन लंबे समय से बाधित है। इसके कारण किसानों को खाद और अन्य कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए दूसरे केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। संगठन पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि समिति की समस्या को लेकर इफको प्रबंधन को पत्र भेजकर और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। हालांकि, इसके बावजूद कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। भाकियू नेताओं के अनुसार, समिति से संबंधित मशीन का कोड लंबे समय से बंद है, जिसे चालू कराने के लिए अधिकारी लगातार संपर्क में हैं। पंचायत में पदाधिकारियों ने कहा कि उन्होंने कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई है, लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़े स्तर पर पंचायतें आयोजित की जाएंगी। आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम सहित उग्र आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा। भाकियू नेता ने बताया कि संगठन गांव-गांव में जनजागरूकता पंचायतों के माध्यम से किसानों को उनकी समस्याओं और अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहा है। इस पंचायत में नौवाकोल और देवारी खेड़ा सहित आसपास के गांवों के किसान, ब्लॉक पदाधिकारी, ब्लॉक प्रभारी और ग्राम सभा अध्यक्ष उपस्थित रहे। उपस्थित किसानों में रामनरेश यादव, श्याम बिहारी मौर्य, छत्रपाल राजभर, राजेंद्र वर्मा, रामअवतार, भोलानाथ और रामदास प्रमुख थे।





























