इंदौर | मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आर्थिक राजधानी इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर बेहद तीखे सियासी हमले किए। रविवार को इंदौर प्रवास के दौरान उन्होंने रेवती रेंज पहाड़ी पर बने 'आशा हॉल' के निर्माण और स्वामित्व को लेकर बड़ा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इंदौर की बेशकीमती जमीनों पर भाजपा नेताओं द्वारा लगातार कब्जे किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने शहर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले पर भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस गंभीर लापरवाही में केवल निचले स्तर के अधिकारियों पर गाज गिराई जा रही है, जबकि इसके असली जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को पूरी तरह बचाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण से जुड़ी जांच रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक करने की पुरजोर मांग की है।
गौरतलब है कि उमंग सिंघार इंदौर में रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष್ಯ में आयोजित 'स्नेह बंधन' कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, जहाँ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी ने उन्हें राखी बांधी।
पत्नी के जन्मदिन पर कराया गया था आशा हॉल का लोकार्पण
विवादों के केंद्र में आए इंदौर के रेवती रेंज स्थित 'आशा हॉल' का निर्माण किया गया है। इस भवन को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने खुलासा किया कि इस आलीशान हॉल का लोकार्पण स्वयं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी धर्मपत्नी आशा विजयवर्गीय के जन्मदिन के विशेष अवसर पर उन्हीं के हाथों फीता कटवाकर करवाया था।
पितृ पर्वत और रेवती रेंज में अवैध निर्माणों पर प्रशासन की चुप्पी
उमंग सिंघार ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रसिद्ध 'पितृ पर्वत' पर अपना एक बेहद आलीशान रेस्ट हाउस का निर्माण करवाया है। पिछले कुछ दिनों से स्थिति यह है कि विजयवर्गीय अपनी तमाम गोपनीय राजनीतिक बैठकों और वीवीआईपी मुलाकातों का संचालन इसी निजी परिसर से कर रहे हैं।
सबसे हैरानी की बात यह है कि पितृ पर्वत और रेवती रेंज जैसे संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में इस तरह के बड़े पैमाने पर निजी या व्यावसायिक निर्माण धड़ल्ले से किए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन ने इन पर रोक लगाने के लिए आज तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया। यहाँ तक कि इन अवैध निर्माणों को रोकने या उनकी जांच करने का सामान्य प्रयास तक शासन-प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है।
बिना किसी शासकीय योजना के हो रहा हॉस्टल का निर्माण
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पितृ पर्वत पर अब मंत्री जी के खास समर्थकों और करीबियों द्वारा एक बड़े हॉस्टल का अवैध निर्माण करवाया जा रहा है। इस विशाल परिसर में भविष्य में लगभग 1,000 बटुकों (विद्यार्थियों) के ठहरने और आवास की व्यवस्था किए जाने की योजना है। खास बात यह है कि इस हॉस्टल के निर्माण को लेकर शासन या विभाग की तरफ से कोई भी आधिकारिक योजना स्वीकृत नहीं है।
'इंदौर से उज्जैन तक सक्रिय हैं भूमाफिया'
पितृ पर्वत और रेवती रेंज में धड़ल्ले से चल रहे इन निर्माण कार्यों को आधार बनाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आक्रामक अंदाज में कहा कि आज इंदौर से लेकर महाकाल की नगरी उज्जैन तक बड़े पैमाने पर भूमाफिया पूरी तरह सक्रिय हैं और राजनीतिक संरक्षण में जमीनों पर कब्जे किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के उस पुराने चर्चित बयान पर भी करारा तंज कसा, जिसमें मंत्री ने कहा था कि वे 'शकर नहीं खाते हैं'। इस पर पलटवार करते हुए सिंघार ने कहा कि यदि वे शकर नहीं खाते हैं, तो कम से कम जनता को यह तो स्पष्ट कर दें कि आम आदमी को सस्ती शकर बाजार में कब तक मिल पाएगी? महंगाई और जनता की समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने युवाओं का आह्वान किया और कहा कि आज का छात्र वर्ग भगवान हनुमान की तरह है, और यदि युवा लंका (अन्याय और भ्रष्टाचार) में आग लगा दें, तो अत्याचार करने वालों का जलना तय है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार युवाओं की बेरोजगारी और बुनियादी समस्याओं का तत्काल समाधान करे, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

























