सिद्धार्थ नगर के इटवा क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी के मुँहचुरवा घाट से रविवार देर रात लापता हुए एक व्यक्ति का शव मंगलवार सुबह बरामद हुआ। मृतक की पहचान इटवा थाना क्षेत्र ग्राम कपियवा निवासी 42 वर्षीय हरिश्चंद्र अग्रहरी पुत्र रामगुलाम के रूप में हुई है। शव घटना स्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर कठेला समयमाता थाना क्षेत्र के सोनवर्षा नदी तट पर मिला। हरिश्चंद्र अग्रहरी रविवार रात करीब 11 बजे अपने घर रिक्शा से बढ़नी जाने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। मुँहचुरवा घाट के पास उनका मोबाइल फोन, निजी सामान और खून के छींटे मिले, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। परिजनों ने हरिश्चंद्र की हत्या की आशंका जताई थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सोमवार सुबह से एनडीआरएफ टीम ने नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन शव नहीं मिला था। मंगलवार भोर में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने सोनवर्षा नदी तट से शव को कब्जे में लिया। हरिश्चंद्र अग्रहरी अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले थे और ई रिक्शा चलाकर बच्चों का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी माया और चार नाबालिग बच्चे हैं: लवकुश (16), ज्योति (13), शिवानी (12), और टुनटुन (10)। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर है। ढेबरुआ पुलिस शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच कर रही है।
बूढ़ी राप्ती नदी में डूबे व्यक्ति का शव मिला:सिद्धार्थनगर में 24 घंटे बाद 8 किमी दूर सोनवर्षा में मिला, पुलिस जांच में जुटी
सिद्धार्थ नगर के इटवा क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी के मुँहचुरवा घाट से रविवार देर रात लापता हुए एक व्यक्ति का शव मंगलवार सुबह बरामद हुआ। मृतक की पहचान इटवा थाना क्षेत्र ग्राम कपियवा निवासी 42 वर्षीय हरिश्चंद्र अग्रहरी पुत्र रामगुलाम के रूप में हुई है। शव घटना स्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर कठेला समयमाता थाना क्षेत्र के सोनवर्षा नदी तट पर मिला। हरिश्चंद्र अग्रहरी रविवार रात करीब 11 बजे अपने घर रिक्शा से बढ़नी जाने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। मुँहचुरवा घाट के पास उनका मोबाइल फोन, निजी सामान और खून के छींटे मिले, जिससे मामला संदिग्ध हो गया। परिजनों ने हरिश्चंद्र की हत्या की आशंका जताई थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सोमवार सुबह से एनडीआरएफ टीम ने नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन शव नहीं मिला था। मंगलवार भोर में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने सोनवर्षा नदी तट से शव को कब्जे में लिया। हरिश्चंद्र अग्रहरी अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले थे और ई रिक्शा चलाकर बच्चों का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी माया और चार नाबालिग बच्चे हैं: लवकुश (16), ज्योति (13), शिवानी (12), और टुनटुन (10)। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर है। ढेबरुआ पुलिस शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच कर रही है।



























