खेसरहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सवाडॉड स्थित प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है। विद्यालय परिसर में बना रसोई कक्ष लंबे समय से जर्जर हालत में है, जिससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक इसके निर्माण या मरम्मत को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह रसोई कक्ष बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने के काम आता है। भवन की लगातार बिगड़ती स्थिति के कारण बरसात और अन्य मौसम में खतरा और बढ़ जाता है। विद्यालय प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। इतना ही नहीं, विद्यालय के मुख्य गेट के ठीक सामने बनी नाली पर ढक्कन गायब है। विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को इसी खुले रास्ते से गुजरना पड़ता है। खुले नाले के कारण किसी बच्चे के पैर फिसलने या उसमें गिरने का खतरा बना रहता है, खासकर विद्यालय खुलने और छुट्टी होने के समय बच्चों की भीड़ के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है। प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि विद्यालय के जर्जर रसोई कक्ष की स्थिति अत्यंत खराब है। मुख्य गेट के सामने खुली नाली भी बच्चों और शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि विद्यालय स्तर से इन समस्याओं की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है, ताकि जल्द से जल्द इनका समाधान कराया जा सके। खंड शिक्षा अधिकारी खेसरहा, नीरज सिंह ने इस संबंध में बताया कि जर्जर भवनों की सूची पहले ही प्रशासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो जर्जर भवन सूची में छूट गए हैं, उनकी भी सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य कराया जाएगा। विद्यालय में एक ओर जर्जर रसोई कक्ष और दूसरी ओर मुख्य द्वार के सामने खुली नाली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अभिभावकों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय जिम्मेदार विभाग को समय रहते इन खामियों को दूर करना चाहिए।
सवाडॉड प्राथमिक विद्यालय जर्जर रसोई, खुली नाली से खतरा:मुख्य गेट के सामने ढक्कन गायब, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
खेसरहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सवाडॉड स्थित प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है। विद्यालय परिसर में बना रसोई कक्ष लंबे समय से जर्जर हालत में है, जिससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक इसके निर्माण या मरम्मत को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह रसोई कक्ष बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने के काम आता है। भवन की लगातार बिगड़ती स्थिति के कारण बरसात और अन्य मौसम में खतरा और बढ़ जाता है। विद्यालय प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। इतना ही नहीं, विद्यालय के मुख्य गेट के ठीक सामने बनी नाली पर ढक्कन गायब है। विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को इसी खुले रास्ते से गुजरना पड़ता है। खुले नाले के कारण किसी बच्चे के पैर फिसलने या उसमें गिरने का खतरा बना रहता है, खासकर विद्यालय खुलने और छुट्टी होने के समय बच्चों की भीड़ के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है। प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि विद्यालय के जर्जर रसोई कक्ष की स्थिति अत्यंत खराब है। मुख्य गेट के सामने खुली नाली भी बच्चों और शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि विद्यालय स्तर से इन समस्याओं की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है, ताकि जल्द से जल्द इनका समाधान कराया जा सके। खंड शिक्षा अधिकारी खेसरहा, नीरज सिंह ने इस संबंध में बताया कि जर्जर भवनों की सूची पहले ही प्रशासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो जर्जर भवन सूची में छूट गए हैं, उनकी भी सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य कराया जाएगा। विद्यालय में एक ओर जर्जर रसोई कक्ष और दूसरी ओर मुख्य द्वार के सामने खुली नाली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अभिभावकों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय जिम्मेदार विभाग को समय रहते इन खामियों को दूर करना चाहिए।






























