नगर पंचायत चौक स्थित दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज में शुक्रवार को धनतेरस पर छात्र-छात्राओं को पर्व के धार्मिक, पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी गई। शिक्षक विनोद कुमार ने कहा कि धनतेरस धन-संपत्ति के साथ अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन का संदेश भी देता है। उन्होंने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह पांच दिन के दीपावली उत्सव का पहला दिन है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें आयुर्वेद का जनक और देवताओं का वैद्य माना जाता है। इसी वजह से धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। प्रधानाचार्य डॉ. हरिंद्र यादव ने कहा कि दीपावली के धार्मिक और पौराणिक महत्व के साथ इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं। वर्षा ऋतु के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से घरों और आसपास फफूंदी, कीट-पतंगे और हानिकारक जीवाणु पनप सकते हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली से पहले घरों की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई की परंपरा स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिहाज से भी जरूरी है। कार्यक्रम में छात्राओं ने रंगोली बनाई। इस दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
धनतेरस पर छात्रों को स्वास्थ्य का संदेश दिया:दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज में पर्व के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी गई
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