डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के विल्लुपुरम के एक शख्स ने अपनी गर्लफ्रेंड (पूर्व प्रेमिका)के बारे में जानने के लिए आरटीआई (RTI) दायर कर दी। उस शख्स ने आरटीआई में एक दो नहीं पूरे 1887 सवाल पूछ डाले।
विल्लुपुरम के शख्स ए. संतोष ने पुलिस विभाग से ऐसे ही सवालों की बौछार कर दी और सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत 1,887 सवाल पूछ डाले। इसके लिए 97 आरटीआई याचिका की। इन सवालों की फेहरिस्त में क्या मेरी पूर्व प्रेमिका किसी और के साथ रिश्ते में है?, उसने कितने पुरुषों को धोखा दिया है? क्या वो शादीशुदा है?, वह कहां रहती है और कहां काम करती है? जैसे सवाल हैं।
सवालों को देख कर भड़के सूचना आयुक्त
इन सवालों को देखकर सूचना आयुक्त वी.पी.आर. एलमपरिथी भड़क गए। उन्होंने इन याचिकाओं को खारिज कर दिया। याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता ए. संतोष को कड़ी चेतावनी भी दी। इसके बाद जो हुआ वो हैरान करने वाला रहा।
संतोष मंगलवार को राज्य सूचना आयोग के सामने खुद पेश हुआ और अपने ‘तर्क’ रखने लगा। गुरुवार को जारी अपने विस्तृत आदेश में आयुक्त ने कहा कि अगर आगे भी इस तरह की बेतुकी याचिकाएं दायर की गईं, जो कानून का अपमान हैं, तो हमें आपको मेडिकल काउंसलिंग के लिए भेजने पर मजबूर होना पड़ेगा।
कॉलेज के बाद ब्रेकअप होने से था दुखी
कुड्डालोर जिला पुलिस के अतिरिक्त अधीक्षक, जो लोक सूचना अधिकारी (PIO) भी हैं, ने आयोग को बताया कि 2024 में संतोष अपनी कॉलेज की एक सहपाठी के साथ रिश्ते में था। उनका रिश्ता कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद टूट गया।
लड़की को करने लगा परेशान
इसके बाद उसने फोन कॉल और सोशल मीडिया के जरिए लड़की को परेशान करना शुरू कर दिया। इससे तंग आकर लड़की ने आत्महत्या की कोशिश की। बाद में जून 2025 में उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भेजा गया। पीआईओ (PIO) ने आयोग को यह भी बताया कि लड़की ने संतोष के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी और अपनी शिकायत की एक प्रति भी सौंपी थी।
